पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगातार भारी बारिश के कारण गंगा और यमुना समेत सभी नदियां उफान पर हैं भारी बारिश के कारण जनजीवन भी अस्त-व्यस्त हो गया है। सड़कों पर जलभराव हो गया तो वही फसलें जलमग्न हो गई।
बिजनौर जनपद में शनिवार रात्रि से ही झमाझम बारिश हो रही है। रिमझिम बरस रहे सावन ने प्यासी धरती की प्यास बुझाई। सिंचाई की आस देख रहे फसलों के खेत लबालब हो गए। इस कारण बारिश का पानी खेतों से बाहर निकलने लगा है। बारिश से जनपद का मौसम भी सुहावना हो गया है। बारिश से कांवड़ियों को परेशानी का समाना करना पड़ रहा है।
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मैदानी व पहाड़ी इलाकों में अच्छी बारिश होने से गंगा, मालन, खो आदि नदियों का जलस्तर बढ़ गया। गंगा बैराज पर खतरे का स्तर 220.00 मीटर है, जहां वर्तमान में पानी का स्तर 218.70 मीटर चल रहा है। यहां से 36252 क्यूसेक पानी डिसचार्ज किया गया। इस क्षेत्र में 41.6 एमएम बारिश हुई है। खो बैराज का खतरे का स्तर 227.300 मीटर और पानी 224.200 मीटर स्तर पर पहुंच गया है। यहां से 9280 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। क्षेत्र में 35.0 एमएम बारिश हुई।
मालन नदी का जलस्तर बढ़ाने से सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई। बारिश से कांवड़ियों को भारी परेशानी हो रही है। मोटा महादेव मंदिर पर बारिश के बावजूद भी बड़ी संख्या में कांवड़िये पहुंच रहे हैं। कोटावाली नदी का जलस्तर बढ़ने से कांवड़ियों के वाहनों के आवागमन में परेशानी हो रही है। रविवार अवकाश का दिन होने से लोगों ने बारिश का घर में ही आनंद लिया। चाय के साथ पकौड़ी खाई।
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शहर की सड़कों पर सनटा दिखाई दिया। बारिश होने से बाजार में दुकानें भी कम खुली। अच्छी बारिश होने से शहर की कई सड़कों पर जलभराव होने से वहां गुजरने वाले लोगों को भारी परेशानी हुई। गली मोहल्लों के रास्ते नाले बन गए। बारिश व ठंडी हवा चलने से जनपद के तापमान में गिरावट हुई और जिले का मौसम सुहावना हो गया।
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- फोटो : Amar Ujala
रात तक यमुना के जलस्तर में आ जाएगा उफान
पहाड़ी और मैदानी इलाकों में 2 दिन से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते हथिनी कुंड बैराज पर पानी का दबाव बढ़ गया। जिसके चलते रविवार सुबह 10:00 हथिनी कुंड बैराज से यमुना नदी में 45402 क्यूसेक पानी प्रति सेकंड छोड़ा गया। जिस कारण रात तक यमुना के जलस्तर में वृद्धि हो जाएगी।
पिछले 2 दिनों से पहाड़ी और मैदानी इलाकों में लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है। पहाड़ी इलाकों में बारिश के चलते हथिनी कुंड बैराज पर पानी का दबाव बढ़ गया है। रविवार सुबह 8:00 बजे हथिनी कुंड बैराज से यमुना नदी में छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा 30866 क्यूसेक प्रति सेकंड दर्ज की गई। लेकिन पानी का दबाव लगातार बढ़ने के कारण सुबह 10:00 बजे हथिनी कुंड बैराज से यमुना नदी में 45402 क्यूसेक पानी प्रति सेकंड डिस्चार्ज किया गया।
उधर मैदानी इलाकों में दूर-दूर तक हो रही बारिश से कारण छोटे नदी नालों से पानी भी अधिक मात्रा में यमुना नदी में शामिल हो रहा है। हथिनी कुंड बैराज से कैराना यमुना नदी तक पानी के पहुंचने में करीब 12 घंटे लगते हैं। जिस कारण रविवार रात तक यमुना के जलस्तर में वृद्धि हो जाएगी। रविवार सुबह 10:00 बजे यमुना का जलस्तर समुद्र तल से 228.26 मीटर की ऊंचाई पर बह रहा था। जबकि यमुना नदी का चेतावनी लेवल समुद्र तल से 231 मीटर तथा खतरे का निशान 231.5 मीटर पर है। ड्रेनेज विभाग के जेई आशु कुमार ने बताया कि यमुना नदी पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। रात तक जलस्तर में वृद्धि होने की संभावना है।
31 घंटे में 155 एमएम बारिश, जिले में जलभराव
सहारनपुर जनपद में शनिवार को शुरू हुई बारिश रविवार को भी जारी रही। मूसलाधार बारिश से शहर की सड़कों से लेकर खेल खलिहान तक जलमग्न हैं। नदियां उफान पर हैं, जिसकी वजह से आसपास बसे लोग दहशत में हैं।
महानगर की तमाम सड़कों और कॉलोनियों में भारी जलभराव है। नगर निगम क्षेत्र की हसन कॉलोनी सहित देहात में बड़गांव और नकुड़ में भी मकान की छत गिरी हैं।
शनिवार की सुबह पांच बजे से रविवार की शाम छह बजे तक यानी 31 घंटे में 155 एमएम बारिश हुई है। अगले दो से तीन दिन बारिश जारी रहने का अनुमान है। वहीं, यमुना नदी का जलस्तर बढ़ा है। इसके साथ ही शिवालिक पहाड़ियों बीच बरसाती नदियाें में भी बाढ़ आ गई।