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इतने कारतूस की पूरी मेरठ पुलिस पर भारी पड़ते, एक नजर में पढ़ें पूरी खबर

Mon, 01 May 2017 08:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
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रिटायर्ड कर्नल के घर से जखीरा बरामद
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मेरठ में रिटायर्ड कर्नल देवेंद्र कुमार के घर जिस तरह से विदेशी हथियारों के साथ साथ दो लाख कारतूस मिले हैं उससे तमाम अधिकारियों की सांसे थम गई। हथियारों और कारतूसों का इतना बड़ा जखीरा, जिसके आकलन करने में कई घंटे लग गये। पूरे जिले की पुलिस के पास इतने कारतूस नहीं है जितने अकेले रिटायर्ड कर्नल के यहां से मिले हैं।
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एक अधिकारी ने बताया कि थाने में रायफल और पिस्टल के करीब एक हजार से 1200 कारतूस तक का कोटा रहता है। थाने में जिस भी पुलिसकर्मी की ड्यूटी खत्म होती है उसके बाद कारतूस जमा करा लिए जाते हैं। जिले में महिला थाने को छोड़कर 30 थाने हैं। ऐसे में जिले के सभी थानों में 30 से 35 हजार कारतूस हैं।
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खुफिया एजेंसी के सामने भी चुनौती

रिटायर्ड कर्नल की कोठी में मिला जखीरा
​ऐसे में सवाल यह है इतने कारतूस या विदेशी हथियारों का जखीरा किसी संदिग्ध व्यक्ति के हाथ लग जाता तो पुलिस अफसरों के साथ खुफिया एजेंसी के सामने भी चुनौती होती। कार्टेज भरने की मशीन भी घर में टीम को मिली है। टीम को यह अंदाजा लगाना भी मुश्किल हैं कारतूस कहां सप्लाई होते हैं। कई पिस्टल की बट पर हीरे जैसी धातू जड़ी हुई भी बताई गई है।

सूत्रों की मानें तो छोपमारी की करीब 16 घंटे कार्रवाई चली है। छापे का काम तो शाम के आठ बजे ही पूरा हो चुका था। लेकिन टीम के अधिकारियों पर लखनऊ और दिल्ली से सिफारिश में कॉल आनी शुरू हो गई। बताया गया है कि बाद में टीम के अधिकारियों ने मोबाईल फोन स्विच ऑफ कर लिए। मामला वन्य जीवों की तस्करी को लेकर छापेमारी के बाद ही लखनऊ और दिल्ली तक पहुंच चुका था।
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