हाजी याकूब व एसएसपी रोहित सिंह सजवाण
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मेरठ में पूर्व मंत्री हाजी याकूब कुरैशी के बेटे फिरोज उर्फ भूरा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। गैंगस्टर एक्ट में सील तोड़कर अनाधिकृत रूप से प्रॉपर्टी में प्रवेश के मामले में खरखौदा पुलिस ने हाईकोर्ट को रिपोर्ट भेजी है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि वह बाहर रहने के दौरान मुकदमे को प्रभावित कर सकता है।
31 मार्च 2022 को याकूब कुरैशी की हापुड़ रोड स्थित अलीपुर फैक्टरी में अवैध तरीके से मीट की पैकिंग का मामला सामने आया था। पुलिस ने इस मामले में हाजी याकूब, उनकी पत्नी संजीदा बेगम, बेटे इमरान, फिरोज सहित 17 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की।
सभी लोग फरार हो गए थे, जिसके बाद पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। 27 नवंबर को फिरोज कोर्ट में सरेंडर करके जेल चला गया था। हाजी याकूब और इमरान को पुलिस ने छह जनवरी 2022 को दिल्ली से गिरफ्तार किया था।
हाजी याकूब को सोनभद्र, इमरान को बलरामपुर और फिरोज को सिद्धार्थनगर की जेल में भेज दिया गया था। डेढ़ महीने पहले ही फिरोज को हाईकोर्ट से जमानत मिली है।
गैंगस्टर एक्ट में 14ए के तहत हाजी याकूब की कई संपत्तियों को सील किया गया था। 11 जून को कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि फिरोज अपने साथी शाहआलम, समीर और अफजाल के साथ घर के बराबर वाली सीज प्रॉपर्टी में रह रहा है। कोतवाली थाने में मकान में अनाधिकृत रूप से प्रवेश करने के मामले में धारा 188, 448 के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज की गई।
सीओ किठौर रुपाली राय ने बताया कि इस मामले में हाईकोर्ट में रिपोर्ट भेजकर आग्रह किया जा रहा है कि उसकी जमानत निरस्त की जाए। वह गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत सीज हुई दूसरी प्राॅपर्टी में भी प्रवेश कर सकता है।