संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे के कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में विश्व की सुख-शांति-समृद्धि के लिए चल रहे 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ का 27वां दिन संपन्न हुआ। विधानाचार्य सौरभ शास्त्री ने मांगलिक मंत्रों से क्रियाओं का शुभारंभ किया। इस आयोजन में स्थानीय जैन समाज के 90 परिवारों ने सक्रिय भागीदारी की।
स्वर्ण कलश से संजय जैन ने अभिषेक किया। शांतिधारा नीरज जैन ने की। रूपा जैन, रचना जैन और रेणु जैन ने दीप प्रज्वलन किया। सुनीता दीदी ने शांतिधारा का उच्चारण किया। देव-शास्त्र-गुरु और आदिनाथ भगवान की पूजा के बाद सभी तीर्थंकरों को अर्घ्य चढ़ाए गए। इसके बाद भक्तामर विधान का शुभारंभ हुआ। धर्मप्रेमी बंधुओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए 48 अर्घ्य चढ़ाए गए।
गुरुवर विमर्श सागर महाराज ने कहा कि प्रभु से यही प्रार्थना करें कि मन पवित्र हो जाए। व्यक्ति निरंतर धर्म कार्य में संलग्न रहे। पवित्र मन से किए गए सभी धार्मिक कार्य सार्थक होते हैं। धार्मिक कार्यों की सफलता बाहरी आडंबर से नहीं बल्कि भावना और श्रद्धा से होती है। उन्होंने बताया कि मन की शुद्धता सबसे बड़ी साधना है।
विधान का विसर्जन महेंद्र जैन और कुसुमलता जैन, पंच परमेष्ठी की आरती का दीप प्रज्वलन संजय जैन और रचना जैन, आदिनाथ भगवान की आरती का दीप सौरभ जैन और चौबीसों भगवान की आरती का दीप प्रज्वलन जैन महिला मंडल हस्तिनापुर द्वारा किया गया। इस मौके पर क्षेत्र के अध्यक्ष जीवेंद्र जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र जैन सहित कई सदस्यों का सहयोग रहा।
कैलाश पर्वत मंदिर पर पूजा अर्चना करते श्रद्धालु स्रोत संवाद