मेरठ। पश्चिम कचहरी मार्ग दिगंबर जैन मंदिर में बच्चों द्वारा अभिषेक एवं पूजन किया गया। अभिषेक का सौभाग्य उत्कर्ष, मानिक, देवांश और अक्षत को मिला। बच्चों ने महावीर भगवान के जयकारे लगाए। सभी बच्चों द्वारा अष्ट द्रव्यों से महावीर भगवान की पूजा की गई। पूजन में प्रेक्षा आरव, ऐशनी, अन्विता, अंशिका, परिधि, अंश, आकाश आदि बच्चों का विशेष सहयोग रहा।
विपिन जैन ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों में धार्मिक संस्कारों की नींव मजबूत करते हैं। उन्हें आत्मिक शांति की ओर अग्रसर करते हैं। इस दौरान राजीव राय जैन, पूनम चंद्र जैन, संजय जैन, नमन जैन, शोभित जैन, सुधीर जैन का सहयोग रहा। शाम को मंदिर 7:30 बजे 581 दिन से निरंतर चल रही महावीराष्टक दीप अर्चना हुई। शुभारंभ संजय जैन भगत ने किया। बच्चों ने भक्तामर स्रोत की अर्चना की। बच्चों ने 48 दीप प्रज्ज्वलित कर श्लोकों का उच्चारण किया। कार्यक्रम में मंगलाचरण और नवकार मंत्र से हुई।
- बच्चों को दी गई समवशरण की जानकारी
महावीर जयंती भवन में लगातार एक सौ सोलहवें (116 वें) रविवार को पूजन और प्रशाल शिविर लगाया गया। सौरभ जैन ने 80 से अधिक बच्चों को समवशरण के विषय में बताया। सौरभ जैन सराफ और गौरव जैन ने बच्चों को बताया कि ऐसा स्थान जहां देव, मनुष्य, साधु, त्रियंच सभी को समान स्थान मिले वह समवशरण होता है। कार्यक्रम में देवेंद्र जैन, विनोद जैन, अतुल जैन ने प्रक्षाल की सभी आवश्यक क्रियाएं कराई। प्रथम अभिषेक और शांतिधारा का सौभाग्य विरेंद्र जैन, रितेश जैन, अंकुर जैन को प्राप्त हुआ। बच्चों को पुरस्कार वितरण विरेंद्र जैन, रितेश जैन ने किया।
- 256 बादाम चढ़ाकर हुआ सिद्ध चक्र महामंडल विधान
श्री दिगंबर जैन पारसनाथ पंचायती मंदिर सेक्टर-2 शास्त्रीनगर में सिद्ध चक्र महामंडल विधान हुआ। बच्चों ने भगवान पारसनाथ का अभिषेक एवं शांतिधारा की गई। विधान में 256 बादाम चढ़ाए गए। इस विधान को करने से सभी दुख और संकट खत्म हो जाते हैं। सभी का नाश हो जाता है। शाम को महामंडल विधान की प्रतिदिन आरती मंदिर की में की गई। पारसनाथ युवा मंडल के सभी बच्चों का सहयोग रहा।
- जैन मंदिर में हुआ स्वर्ण कलश का शुद्धिकरण
बागपत रोड ऋषि नगर स्थित अभिनंदन नाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर वसु नंदी विहार में पूजन कार्यक्रम किया गया। पंडित प्रमोद शास्त्री हस्तिनापुर वालों के निर्देशन में मंदिर शिखर के स्वर्ण ध्वज, स्वर्ण कलश का शुद्धिकरण, पुनः आरोहण कार्यक्रम हुआ। मुख्य वेदी के आगे मनोहारी पाषाण कमल की शुद्धि स्थापना एवं उस पर जिन प्रतिमा विराजमान किया गया। सर्वप्रथम सौधर्म इंद्र राजीव कुमार जैन, सची इंद्राणी संगीता जैन के द्वारा सभी मांगलिक क्रियाएं कराई। धनपति कुबेर संजय जैन बने। मुख्य इंद्र की भूमिका लक्ष्मण दास ने पूर्ण की। कार्यक्रम में योगेश चंद्र जैन, संयम जैन, विनय कुमार जैन, विनोद जैन रहे। संवाद