व्यापारी योगेश, उसकी पत्नी बरखा और मासूम बेटी सनाया की मौत के मामले ने शनिवार को अहम मोड़ ले लिया। योगेश के पिता शांति स्वरूप वर्मा ने इन तीनों मौतों के लिए बरखा के एक रिश्तेदार को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने कहा कि यह रिश्तेदार 13 साल से लगातार उसके बेटे को भुगतने की धमकी देता था। बरखा के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल निकाली जाए तो मौत का कारण भी स्पष्ट हो सकता है। क्योंकि रिश्तेदार ने ही बरखा को बरगलाकर मुंबई भिजवाया था। इसकी शिकायत वह पुलिस अफसरों से करेंगे।
पीएम रिपोर्ट से सब स्पष्ट
शांतिस्वरूप वर्मा बोले कि यह बात समझ से परे है कि योगेश अपनी पत्नी और बेटी की हत्या कर देगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म की आशंका से यह स्पष्ट हो गया कि वारदात में दूसरा कोई शख्स घर में मौजूद था। ऐसे तमाम सवाल शांति स्वरूप के जेहन में बार-बार उठते और फिर वह उनके जवाबों में उलझ जाते हैं।
यह मौत नहीं हत्या है
शांति स्वरूप वर्मा ने बताया कि वह पुलिस अफसरों से मिलकर शिकायती पत्र देंगे। योगेश, बरखा और सनाया को मारा गया है। यह मामला खुदकुशी का नहीं है। घटनाक्रम और तीनों की मौत के समय में काफी अंतर बताया गया है। वह पुलिस अफसरों से इंसाफ मांगेंगे।
बेटी का नाम रखने पर हुआ था बखेड़ा
योगेश के भाइयों ने बताया कि बरखा की बेटी का नाम उन्हाेंने अनन्या रखा था। लेकिन रिश्तेदार के दबाव में बरखा ने दूसरे समुदाय से जोड़ते हुए यह नाम सनाया रखवाया था। इसको लेकर भी परिवार में बखेड़ा हुआ था। काफी बहस के बाद भी बरखा नहीं मानी और स्कूल में उसका नाम सनाया ही लिखवाया गया।
बरखा को परिवार से दूर करना चाहता था
बरखा की जेठानी अवनी पत्नी हरीश वर्मा मुंबई में सीरियलों में काम करती है। बरखा को मुंबई जाने की बात भी उक्त रिश्तेदार ने कही। ताकि बरखा का परिवार से मोह खत्म हो जाए। बरखा को योगेश मुंबई नही भेजना चाहता था, लेकिन वह जिद पर अड़ी रही। यह बात योगेश ने अपने पिता शांति स्वरूप से बताई। बरखा मुंबई से कभी नहीं लौटेगी, यह शक योगेश को था। लेकिन उसके बाद भी योगेश ने बरखा की बात मानकर उसको मुंबई भेजा। दंपति में विवाद की असली वजह भी इस रिश्तेदार को बताया गया।