बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष फोकस किया गया है। ढांचागत विकास के लिए विभिन्न विकास योजनाओं को रफ्तार दी गई है। विकासकर्ताओं की माने तो रियल एस्टेट को परोक्ष तौर पर कुछ खास नहीं मिला लेकिन दीर्घकालिक परियोजनाएं लाभकारी होंगी। बजट में हाउसिंग टैक्स या होम लोन में लाभ नहीं मिला। इसके बावजूद इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ से मांग में सुधार होना संभव है।
नए प्रोजेक्ट पर छूट की थी उम्मीद
बजट में रियल एस्टेट को बहुत ज्यादा राहत नहीं दी गई है। नए प्रोजेक्ट पर छूट की उम्मीद थी और बैंकों की लिमिट में भी राहत मिलनी चाहिए थी। इससे रियल एस्टेट कारोबार के तेजी से बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसी कोई राहत नहीं मिली।
- कमल ठाकुर, महामंत्री रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएसशन (रेडा)
आयकर की पेनल्टी से राहत
रियल एस्टेट को सीधे तौर पर बजट में कुछ खास नहीं दिया गया। हालांकि आयकर के कई प्रावधानों को लचीला करते हुए पेनल्टी हटाई गई हैं। इसका असर रियल एस्टेट पर पड़ेगा और लोग संपत्ति अर्जन में खर्चा करेंगे।
- अतुल गुप्ता, एमडी एपेक्स ग्रुप।
प्रोजेक्ट फाइनेंसिंग से कम होगा खतरा
शहरों में विकास पर फोकस किया है। इससे मिक्सड यूज व कमर्शियल प्रोजेक्ट्स के नए अवसर बनेंगे। प्रोजेक्ट फाइनेंसिंग में इफ्रांस्ट्रक्चर रिस्क गारंटी जैसे उपाय से बिल्डरों के लिए जोखिम कम होंगे और फंडिंग के अवसर बढ़ेंगे।
- अजय गुप्ता, एमडी इंडसवैली प्रा. लि.