माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। आर्य समाज थापर नगर के रविवारीय सत्संग में योग के विभिन्न आयाम विषय पर विशेष चर्चा का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता राजेश सेठी ने कहा कि जीवन में कर्तव्यों का निर्वहन करना कर्मयोग है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक साधना के माध्यम से ईश्वर तक पहुंचना आसान है। यह भी योग का ही रूप है।
उन्होंने कहा कि शरीर को स्वस्थ रखने में योग प्राणायाम सहायक हैं। श्रीमद्भगवद्गीता में वर्णित ज्ञानयोग और कर्मयोग मनुष्य को जीवन की विषम परिस्थितियों में भी समत्व भाव रखते हुए निष्काम कर्म करने की प्रेरणा देते हैं। राजेश सेठी ने बताया कि महर्षि पतंजलि का अष्टांग योग आत्मा और परमात्मा के मिलन का मार्ग है। स्वाध्याय, ईश्वर प्रणिधान और आत्मचिंतन जीवन में आनंद और संतुलन प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम में सुमन आनंद, प्रीति सेठी, कमलेश चांदना एवं धर्मवीर ने भजन प्रस्तुत किए। आचार्य सत्य प्रकाश शास्त्री के ब्रह्मत्व में देवयज्ञ संपन्न हुआ। इसमें शिव कुमार भसीन, अनिका, अतुल भसीन और प्रगति यजमान रहीं। कार्यक्रम में अजय प्रेमी, करुणा सागर बाली, अपर्णा अग्रवाल, कृष्ण कुमार वर्मा, कृष्ण लाल कुशवाहा, राकेश औबराय, विकास शर्मा, चंद्र वासुदेवा, आनंद वर्धन झा रहे।