मस्जिदों में छह महीने बाद लौटी रौनक , उलमा बोले पाबंदियों के साथ ही सही प्रशासन का कदम सराहनीय
मेरठ। शाही जामा मस्जिद समेत शहर और देहात की मस्जिदों में छह महीने बाद जुमे की नमाज अदा हुई तो रौनक देखने को मिली। मस्जिदों में प्रवेश के लिए थर्मल स्कैनिंग और सैनिटाइजेशन के खास इंतजाम किए गए। वहीं, उलमाओं ने जिला प्रशासन के धार्मिक स्थल ख़ोलने के कदम को सराहनीय बताया।
शाही जामा मस्जिद में जुमे की नमाज से पहले कोतवाली पुलिस ने नमाजियों की संख्या का ध्यान रखा और प्रवेश से पहले थर्मल स्कैनिंग कराई। सौ नमाजियों को ही मस्जिद में प्रवेश दिया। इसके बाद शहरकाजी जैनुस साजिद्दीन ने जुमे की नमाज अदा कराई। नमाज से पहले तकरीर में शहरकाजी ने लोगों से कोरोना के खिलाफ लड़ने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।
कारी शफीकुर्रहमान कासमी ने कहा प्रशासन ने सौ लोगों को नमाज पढ़ने की अनुमति दी है। उम्मीद है कि जल्द इस बंदिश को खत्म कर सभी को इजाजत मिलेगी। उन्होंने कहा बाजारों में लोग सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ा रहे हैं। ऐसे में धार्मिक स्थलों पर पाबंदी ठीक नहीं है। वहीं, नायब शहरकाजी जैनुर राशिद्दीन ने लोगों से घरों और आसपास की मस्जिदों में नमाज अदा करने की अपील की। हापुड़ रोड स्थित मदरसा जामिया मदनिया में जुमे की नमाज से पहले थर्मल स्कैनिंग और सैनिटाइजेशन किया गया। यहां कारी अफ्फान कासमी ने बताया कि मस्जिदों में कोरोना खात्मे की दुआ की गई।
सीओ व सिटी मजिस्ट्रेट ने लिया जायजा
शाही जामा मस्जिद में सीओ कोतवाली आनंद चौरसिया और सिटी मजिस्ट्रेट ने जुमे की नमाज से पहले तैयारियों का जायजा लिया। सीओ आनंद चौरसिया ने बताया सभी उलमाओं ने नमाज के लिए गाइडलाइन का पालन किया। पुलिस भी मस्जिदों के बाहर व्यवस्था बनाने के लिए मौजूद रही और भविष्य में भी रहेगी।
जुमे की नमाज होने पर जताई खुशी
हापुड़ रोड मस्जिद तैयबा के अकरम गाजी व शाही जामा मस्जिद की देखरेख करने वाले इकराम इलाही ने जुमे की नमाज को लेकर खुशी जताई। अकरम गाजी ने बताया लोगों ने नमाज के बाद सुन्नतें घर पर ही पढ़ीं।