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राशन घोटाला: एसआईटी ने तीन को किया गिरफ्तार, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने उठाया था मामला   

Wed, 24 Jun 2020 01:29 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

  • एक आरोपी डीएसओ कार्यालय के बतौर कंप्यूटर ऑपरेटर कर चुका है काम
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राशन घोटाला - फोटो : file photo
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विस्तार
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मेरठ जिले में हुए करोड़ों रुपये के राशन घोटाले में मंगलवार को एसआईटी (स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम) ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया। क्राइम ब्रांच की जांच में अभी तक सामने आया है कि मेरठ में 120 आधार कार्डों से 27 हजार लोगों का राशन गलत तरीके से निकाला गया।

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मेरठ में दर्ज 84 मुकदमों की विवेचना एसपी क्राइम रामअर्ज के नेतृत्व में एसआईटी कर रही है। अभी तक पांच आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

एसपी क्राइम राम अर्ज के अनुसार, राशन घोटाले में क्राइम ब्रांच ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो आरोपियों ने पूर्ति निरीक्षकों के साथ मिलकर डेटा में हेराफेरी की और 912 उपभोक्ताओं का राशन निकाला। इस मामले में विभिन्न थानों में 84 मुकदमे दर्ज हुए। इसकी जांच एसआईटी कर रही है।

नियमानुसार हर उपभोक्ता को बायोमेट्रिक देने पर ही राशन मिलता है। लेकिन मेरठ में 127 आधार कार्ड के माध्यम से करीब 27000 उपभोक्ताओं का राशन निकाल लिया गया। जांच में अभी तक ढाई से तीन करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया है। 

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एसपी क्राइम ने बताया कि जुल्फिकार पुत्र ताहिर निवासी जाकिर कॉलोनी, सादिक आलम पुत्र इफ्तिखार निवासी रशीदनगर थाना लिसाड़ी गेट को गिरफ्तार किया है। जुल्फिकार पूर्व में डीएसओ कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर था।

सादिक आलम के पिता की सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान थी। घोटाले के बाद लाइसेंस निरस्त किया गया था। तीसरा आरोपी पल्लवपुरम का रहने वाला है। उसके आधार कार्ड से 912 लोगों का राशन निकाला गया। जुल्फिकार और सादिक आपूर्ति इंस्पेक्टरों और एक अधिकारी से साठगांठ कर यह धंधा करते थे। 

सभी आपूर्ति निरीक्षक दोषी
एसपी क्राइम ने बताया कि घोटाले में सभी आपूर्ति निरीक्षक दोषी हैं, जो घोटाले के समय मेरठ में तैनात रहे। डीएसओ विकास गौतम मेरठ में 2019 में तेल के मामले में निलंबित हो चुके हैं।

डीएसओ कार्यालय के कर्मचारियों की साठगांठ से हेराफेरी हुई। डेटा से कुछ उपभोक्ताओं के आधार नंबर हटाकर अपने आधार नंबर फीड किए गए। उन्होंने अपनी बायोमेट्रिक से करीब 912 उपभोक्ताओं का राशन निकालकर कालाबाजारी की। 

भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने उठाया था मामला 
भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने मेरठ समेत कई जिलों में अपात्रों को फर्जी तरीके से राशन देकर करोड़ों का घोटाला किए जाने की शिकायत मुख्यमंत्री से की थी। मेरठ में कई करोड़ के घोटाले की बात सामने आई।

एसपी क्राइम के अनुसार, प्रदेश में भाजपा सरकार आने के बाद 2017 -18 में जिले में 84 मामले दर्ज हुए। एसपी क्राइम का कहना है कि अनुमति मिलने के बाद चार्जशीट दाखिल की जाएगी। घोटाले के समय तैनात रहे आपूर्ति निरीक्षक बयान देने भी नहीं आ रहे हैं। 
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