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रैपिड रेल प्रोजेक्ट: जमीन फाइनल होने पर शहर में शुरू होगा निर्माण, ये होंगे महत्वपूर्ण स्थल

Tue, 15 Sep 2020 11:43 AM IST
कपिल kapil दीपक भारद्वाज, अमर उजाला, मेरठ

सार

  • निवर्तमान डीएम ने कमिश्नर के निर्देश को नहीं दी तवज्जो
  • ये होंगे रैपिड रेल के महत्वपूर्ण स्थल
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रैपिड रेल (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्र सरकार की प्राथमिकता में शामिल दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल प्रोजेक्ट में सबसे ज्यादा समस्या जमीन की आ रही है। करीब सालभर से मोदीपुरम में बनाए जाने वाले डिपो के लिए जमीन की व्यवस्था नहीं हो सकी है। वहीं, शहर के प्रमुख स्थानों पर बनाए जाने वाले स्टेशनों के लिए भी जमीन की व्यवस्था की जानी है। कमिश्नर अनीता मेश्राम ने निवर्तमान डीएम अनिल ढींगरा को कई बार मामले का निस्तारण करने के निर्देश दिए, लेकिन नतीजा शून्य रहा।

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स्टेशनों के निर्माण के लिए शताब्दीनगर से आगे मोदीपुरम तक तीन से चार हजार वर्ग मीटर जमीन की जरूरत होगी। वहीं, मेट्रो प्लाजा से लेकर बेगमपुल तक बनाए जाने वाले अंडरग्राउंड ट्रैक और स्टेशन के लिए भी जमीन की जरूरत है। प्रशासन ने एनसीआरटीसी को अभी तक किसी भी जमीन के लिए हरी झंडी नहीं दी है। एनसीआरटीसी अधिकारी कई बार डीएम से अर्जी लगा चुके हैं। प्रशासन स्तर पर बैठक न होने से जमीन का इंतजार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में सभी कार्य पिछड़ रहे हैं। एनसीआरटीसी अधिकारियों का कहना है कि जमीन मिल जाने के बाद शहर में भी रैपिड रेल का काम शुरू करा दिया जाएगा। 

रैपिड रेल के महत्वपूर्ण स्थल
भैंसाली अड्डा 
यहां रैपिड रेल के लिए चार एकड़ जमीन चाहिए। जिसमें से दो एकड़ जमीन अस्थायी रूप से चाहिए। इसके लिए कई बार शासन स्तर से वार्ता हो चुकी है। लेकिन स्थानीय प्रशासन और एमडीए की तरफ से कोई विचार नहीं किया जा रहा है।
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केसरंगज 
यहां आपातकालीन निकास, सुरंग वेंटीलेशन निर्माण के लिए जमीन की जरूरत है। इसमें प्राथमिक विद्यालय केसरगंज की 600 वर्गमीटर स्थायी भूमि और 114.78 वर्ग मीटर अस्थायी भूमि चाहिए। 
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मोदीपुरम 
रैपिड रेल के अंतिम स्टेशन पर 74 हेक्टेयर में डिपो और कार्यशाला को बनाया जाना है। मोदीपुरम और दौराला के बीच बनाए जाने वाले डिपो के लिए किसानों के साथ जमीन पर कोई फैसला नहीं हो सका है।

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