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Meerut News: सुनील पाल अपहरण करने वाले गिरोह की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश, कई हिरासत में

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मेरठ। अभिनेता और कॉमेडियन सुनील पाल का अपहरण कर 24 घंटे बंधक रख आठ लाख की ऑनलाइन फिरौती वसूलने वाले गिरोह की तलाश में पुलिस की 10 टीमें ताबड़तोड़ दबिश दे रहीं हैं। कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। एसओजी और सर्विलांस की टीम को भी खुलासे के लिए लगाया गया है। सराफ के यहां लगे सीसीटीवी में कैद हुए लवी पाल और अर्जुन कर्णवाल गिरोह के सरगना बताए गए हैं। लेकिन अब तक पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
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सोमवार की शाम मेरठ पुलिस ने बिजनौर पुलिस की मदद से शहर में कई स्थानों पर दबिश दी। पुलिस की दस टीम आरोपियों की तलाश में लगी है। पुलिस सूत्रों की माने तो सुनील पाल का अपहरण करने और फिरौती वसूलने में नौ आरोपियों के नाम सामने आए हैं। इनमें शामिल लवी पाल निवासी नई बस्ती और अर्जुन कर्णवाल निवासी बिजनौर की पहचान मेरठ पुलिस कर चुकी है। मामले में लवी पाल के साथी पूर्व सभासद का भी नाम जुड़ रहा है। पकड़े गए संदिग्धों को गोपनीय स्थान पर रखकर पूछताछ की जा रही है। सुनील पाल के मुताबिक सरगना लवी पाल और अर्जुन कर्णवाल ही अन्य बदमाशों को निर्देश दे रहे थे।

दोनों अपहरण में इस्तेमाल की गई एक ही स्कॉर्पियो
पुलिस सूत्रों की मानें तो फिल्म अभिनेता मुश्ताक खान को दिल्ली एयरपोर्ट से लाने के लिए स्कॉर्पियो पहुंची थी। इसी स्कॉर्पियो का इस्तेमाल मशहूर कॉमेडियन सुनील पाल का अपहरण करने के लिए भी किया गया। पुलिस स्कॉर्पियो की तलाश में लगी है।
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राजनीति में किस्मत आजमा चुका है लवी पाल
बिजनौर के नई बस्ती निवासी लवी पाल निवासी और बिजनौर के ही अर्जुन कर्णवाल की पहचान मेरठ पुलिस कर चुकी है। मामले में लवी पाल के साथी पूर्व सभासद का भी नाम जुड़ रहा है। हिरासत में लिए गए संदिग्धों को गोपनीय जगह पर रखकर पूछताछ की जा रही है। मुख्य आरोपी लवी पाल उर्फ लवी चौधरी उर्फ सुशांत ब्याज पर पैसा देने का काम करता है। वह साल 2017 के निकाय चुनाव में नगर पालिका बिजनौर के वार्ड नंबर एक से सभासद का चुनाव लड़ चुका है। आरोपी सुशांत सिंह के नाम से चुनाव लड़ा और चार सौ वोटों से चुनाव हारा और दूसरे नंबर पर रहा था। साल 2016 में लवी पाल उर्फ सुशांत कार चोरी के केस में जेल जा चुका है।
मुश्ताक मोहम्मद खान का अपहरण कर दो लाख रुपये वसूले
संवाद न्यूज एजेंसी

मेरठ/बिजनौर। कॉमेडियन सुनील पाल की तरह ही अभिनेता मुश्ताक मोहम्मद खान का अपहरण किया गया था। उन्हें बिजनौर के मोहल्ला चाहशीरी में दो दिन बंधक रखकर उनसे दो लाख रुपये की वसूली की गई। नवंबर में लोगों को सम्मानित कराने के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बनाने के बहाने मुश्ताक खान को बुलाया गया था। मुंबई से दिल्ली तक का फ्लाइट टिकट भी बुक कराया।
मंगलवार को अभिनेता मुश्ताक मोहम्मद खान के इवेंट मैनेजर शिवम यादव निवासी जोगेशपुरी वेस्ट मुंबई की तहरीर पर बिजनौर की शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई। इसमें कहा गया कि 15 अक्तूबर को मेरठ से राहुल सैनी ने मुश्ताक खान से वरिष्ठ लोगों को सम्मानित करने करने के लिए आयोजित कार्यक्रम के संबंध में बात की। कार्यक्रम के लिए राहुल सैनी ने रकम का भुगतान किया और मुंबई से दिल्ली के लिए एक फ्लाइट टिकट बुक कराया।
20 नवंबर को मुश्ताक खान को दिल्ली एयरपोर्ट से राहुल सैनी द्वारा बुक कराई गई स्कॉर्पियो से रिसीव किया गया। यह स्कॉर्पियो मेरठ लेकर आने वाली थी, जिसमें ड्राइवर के साथ एक अन्य व्यक्ति भी सवार था। उधर, जैन शिकंजी के पास ड्राइवर ने स्कॉर्पियो रोक ली और मुश्ताक को दूसरी गाड़ी में बैठा लिया। इस गाड़ी को भी स्कॉर्पियो का ड्राइवर ही चला रहा था। कुछ दूर चलने के बाद गाड़ी में दो अन्य लोग भी सवार हो गए। इसका मुश्ताक मोहम्मद खान ने विरोध किया। मगर, आरोपियों ने आतंकित करते हुए अपहरण कर लिया और अज्ञात जगह पर ले गए।
मोबाइल अपने कब्जे में ले लिया। उनके पास क्रेडिट कार्ड या एटीएम कार्ड नहीं होने की वजह से आरोपियों ने उनके बेटे मोहसिन के एसबीआई और आईसीआईसीआई बैंक के खाते से लगभग दो लाख रुपये पिन पूछ कर निकाल लिए। इस दौरान आरोपी शराब पार्टी करते रहे और मुश्ताक को प्रताड़ित भी करते रहे।



मुश्ताक ने मस्जिद में ली शरण
बिजनौर। मुश्ताक मोहम्मद खान को बदमाशों के चंगुल में रातभर यह आभास ही नहीं हुआ कि जंगल में हैं या आबादी में। 21 नवंबर की सुबह अजान की आवाज सुनी तो उन्हें आबादी के बीच होने का पता चला। बदमाशों के नशे में होने के बाद वह अपना सामान छोड़कर सिर्फ जूते लेकर भाग निकले और चाहशीरी की एक मस्जिद में शरण ली। मस्जिद में मौलाना के फोन से ही उन्होंने सबसे पहली कॉल अपने बेटे को की। शिवम यादव के मुताबिक मुंबई से इतनी जल्दी बिजनौर जाना संभव नहीं था। ऐसे में गाजियाबाद और दिल्ली के परिचितों को भेजा गया। उनके पहुंचने तक मुश्ताक खान मस्जिद में ही रहे। मुंबई पहुंचकर उन्हें दो दिन अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा।
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