माछरा में दशरथ मरण की लीला का मंचन करते कलाकार।
माछरा/मुंडाली। माछरा में आदर्श रामलीला के दौरान राम वनवास, केवट राम संवाद और दशरथ मरण की लीलाओं का भावपूर्ण मंचन हुआ। कलाकारों के सजीव अभिनय ने दर्शकों को भावुक कर दिया। भगवान श्रीराम के वन गमन, निषाद राज केवट की भक्ति और राजा दशरथ के पुत्र वियोग के दृश्यों ने दर्शकों को भाव विभोर किया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला संघ चालक धर्मेश त्यागी, ग्राम प्रधान माछरा यतेंद्र शर्मा और महामृत्युंजय हॉस्पिटल के अध्यक्ष आकाश राज मुख्य अतिथि रहे। रामलीला समिति ने अतिथियों का पटका पहनाकर स्वागत किया। कलाकारों ने दिखाया कि श्रीराम, सीता और लक्ष्मण के साथ वनवास जाते हैं। गंगा तट पर केवट ने उनके चरण धोकर नाव में बैठाने की इच्छा जताई। केवट की भक्ति देखकर श्रीराम मुस्कुराए और उसकी भावना का सम्मान किया। राम वनवास के बाद राजा दशरथ पुत्र वियोग में अत्यंत दुखी होकर प्राण त्याग देते हैं।
मुंडाली में रामलीला और संदेश
मुंडाली में रामलीला कलाकारों ने धनुष यज्ञ और सीता स्वयंवर का मंचन किया। ग्राम प्रधान यतेंद्र शर्मा ने कहा कि श्रीराम के आदर्श माता-पिता के प्रति सम्मान, भाईचारे, त्याग और भक्ति का संदेश देते हैं। बॉबी त्यागी, मयंक त्यागी, जोशील, अतुल, अखिल, राकेश, ताराचंद, विकास, सुंदर फौजी रामोतार तोमर, मोंटू गुप्ता और रॉबिन तोमर ने व्यवस्था बनाने में विशेष सहयोग किया।