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सुरमा और काजल लगाने से नहीं टूटता रोजा, रोजेदारों ने हेल्पलाइन से दूर की शंकाएं

Wed, 08 May 2019 10:23 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
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रमजान मुबारक
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रोजेदारों की शंकाओं को दूर करने के लिए जारी की गई हेल्पलाइन पर कई रोजेदारों ने सवाल किए। व्हाट्सएप और ईमेल के जरिए भी सवालों के जवाब दिए गए। एक व्यक्ति ने पूछा कि क्या काजल और सुरमा लगाने से रोजा टूट जाता है। इस पर मुस्लिम विद्वानों ने बताया कि ऐसा करने से रोजा नहीं टूटता है। 

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जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक व इमाम कारी इसहाक गोरा के नेतृत्व में हेल्पलाइन के जरिए शरीयत के हिसाब से रोजेदारों की शंकाओं का समाधान किया गया। कारी इसहाक गोरा ने बताया कि लगातार मौसम गर्म होता जा रहा है। ऐसे में भूल वंश रोजेदार गलतियां कर बैठते हैं। इसी को देखते हुए हेल्पलाइन हर वर्ष की तरह शुरू की गई है।

हेल्पलाइन पर जानकारी लेने वालों को बताया गया कि रमजान अल्लाह की खास इबादत का महीना है, जिसमें मुसलमानों को गुनाहों से तौबा कर खूब इबादत करनी चाहिए। रोजे रखना इस्लाम के पांच अरकनों में से एक है। 

सवाल:- देवबंद मोहल्ला दीवान निवासी फातिमा परवीन ने पूछा कि उनकी बहन सहरी में उठ नहीं पाई और वह पूरे दिन रोजे की नियत भी नहीं कर सकी, लेकिन पूरे दिन भूखी प्यासी रही और कुछ खाया-पिया नहीं। इफ्तारी से दो घंटे पहले रोजे का ख्याल आया। अब ऐसी सूरत में शरीयत के अनुसार उनका रोजा होगा या नहीं? 

जवाब- शरीयत कहती है रोजे के लिए नियत शर्त है। अगर किसी ने रोजे का इरादा नहीं किया और तमाम दिन कुछ खाया पिया भी नहीं, तब रोजा नहीं होगा।

सवाल:- नखासा बाजार निवासी इशरत ने पूछा कि उनकी सास कहती है रोजे की हालत में खाना बनाते समय जुबान से नमक चेक कर लिया करो। इस तरह करने से रोजा नहीं टूटता है। उनके पति का मिजाज तेज है और खाने में कमी बर्दाश्त नहीं करते हैं। अब ऐसी सूरत में वह क्या करें। 

जवाब:- रोजे में बिना जरूरत किसी चीज को मुंह में रखकर चबाना या चबा कर थूक देना मकरूह है, लेकिन शरीयत की पुस्तकों में फरमाया है कि ऐसी सूरत में ऐसा करना सही है, लेकिन यह ख्याल रहे मुंह में रखी गई चीज का अंश अंदर न जाए। 
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सवाल:-कमेला कालोनी निवासी अबूजर ने मालूम किया कि रोजे की हालत में वह आंख में सुरमा या काजल लगा सकते हैं। अगर उसका असर हलक में महसूस हो रहा हो तो इससे रोजे पर कोई असर पड़ेगा। 
जवाब:- रोजे की हालत में सुरमा काजल लगाया जा सकता है। इससे रोजे पर कोई असर नहीं आता। अगर सुरमे का असर हलक में महसूस भी हो रहा हो, तब भी रोजा सलामत रहेगा। 

सवाल:- देहरादून चौक निवासी इदरीस ने पूछा कि अगर कोई व्यक्ति जिस पर जकात फर्ज है और वह अपनी पत्नी को या पत्नी पति को जकात दे तो शरीयत में कहां तक सही है। ऐसा करना सही है।
जवाब:- पत्नी को अगर पति या पति को अगर पत्नी जकात अदा करे तो यह जायज नहीं है और ना ही जकात अदा होगी।

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