अयोध्या में श्रीराम लला प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए एक सप्ताह से सजाने की तैयारी चल रही थी। बॉलीवुड कलाकारों के कार्यक्रमों के लिए मंच, वीआईपी गेस्ट हाउस के रूप में 150 लग्जरी टेंट, चार हजार लोगों के लिए डोरमेटरी तैयार की गई।
इतना ही नहीं जुबैर की हितकारी प्रोडक्शन एंड क्रिएशंस कंपनी ने ही आठ से दस हजार राम भक्तों के लिए खाने की व्यवस्था भी की। जुबैर ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि वह मेरठ के रजबन के रहने वाले हैं। काफी समय से दिल्ली में इवेंट कंपनी चला रहे हैं।
अयोध्या में राम मंदिर।
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श्रीरामलला को सजाने और उनकी सेवा का जो अवसर मिला, उसके लिए सरकार के अभारी हैं। इन्होंने बताया कि अयोध्या में उनके द्वारा की गई डेकोरेशन पर लगभग 40 से 45 लाख बजट खर्च हुआ है। अब से पहले भी हम 2019 में कुंभ कर चुके हैं।
बताया कि श्रीरामलला को सजाने में आर्चिडस, लिली, कारनेशन, गेंदा, टयूलिप, गुलाब आदि विदेशी फूलों का इस्तेमाल किया गया। दिल्ली गाजीपुर फूल मंडी से विदेशी फूल अयोध्या पहुंचे। इनमें मेरठ, गाजियाबाद के मकीमपुर गांव में उगाए जा रहे गुलाब के फूल भी रहे हैं।
शोभायात्रा के दौरान श्री राम दरबार में शामिल बच्चे
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100 क्विंटल फूलों से सजे मेरठ के मंदिर
अयोध्या में श्रीरामलला प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के दौरान मेरठ के सभी 550 मंदिर और अन्य स्थान 100 क्विंटल फूलों से सजाए गए। बाजार में फूलों की कमी पड़ गई। फूलों के दाम भी अन्य दिनों के मुकाबले सात से आठ गुना अधिक रहे। किसान दोपहर को भी अपने खेतों से फूल तोड़कर बाजार लाते रहे।
सोमवार को पूरा शहर राममय हो गया। ईश्वरपुरी फूलमंडी के आढ़ती प्रमोद कुमार ने बताया कि तीन दिन से मंदिरों में फूलों की अधिक खपत हो रही है। सोमवार को तो मंडी में फूलों की कमी ही पड़ गई। सुबह चार बजे मंडी की दुकान खोल दी गई। जो किसान पहले से ही दुकान पर गेंदा और गुलाब आदि फूल ला रहे थे उनको दोपहर के समय भी खेत से फूल तोड़कर लाने के लिए कहा गया।
इन्होंने बताया कि दस दिन पहले जिस गेंदे के फूल की कीमत 15 रुपये किलो थी वह अब 90 से 100 रुपये किलो बिका है। गुलाब का फूल जो 30 से 40 रुपये बिक रहा था, उसके रेट 120- 150 रुपये किलो पहुंच गए। मंडी में फूलों की आवक कम हो रही है। फूलमाला के फुटकर विक्रेता तरुण ने बताया कि फूलों व काफी महंगाई है। एक सप्ताह पहले 10-15 रुपये में बिकने वाली गेंदे की माला अब 30-50 रुपये की बिक रही है। गुलाब की माला 50-80 रुपये से बढ़कर 100-120 रुपये प्रति माला पहुंच गई है।
खड़ौली निवासी किसान सुधीर सैनी ने बताया कि सर्दी अधिक होने के कारण खेत में फूल कम उतर रहा है। अब से पहले तो किसान को लागत भी नहीं मिल रही थी। लेकिन प्रभुराम की कृपा से तीन दिन से फूलों के अच्छे दाम मिल रहे हैं। उम्मीद है कि अब फूलों के दाम इसी प्रकार रहेंगे।