ईईएसएल कंपनी द्वारा लगाई गईं 72 हजार स्ट्रीट लाइटों में 80 फीसदी खराब हैं। भुगतान न होने पर कंपनी ने नई लाइट नहीं लगाई और खराब पड़ी लाइटों को ठीक कराने से भी इंकार कर दिया। महापौर हरिकांत अहलूवालिया बार-बार निगम के अधिकारियों को चिट्ठी भेज रहे हैं कि 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा पर महानगर को जगमगाना है।
शहर में लाइट लगवाई जाएं, बावजूद निगम गंभीर नहीं है। महापौर ने मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखने की बात कही, तब जाकर शुक्रवार को निगम के अधिकारियों ने बैठक की। निगम के 14 वित्त के खाते से 10 लाख की स्ट्रीट लाइट लगाने पर मंथन हुआ। निगम अधिनियम के तहत ऑनलाइन टेंडर के बाद ही लाइट लगवाई जा सकती हैं तो निगम अब टेंडर की प्रक्रिया में उलझ गया है।
प्राण प्रतिष्ठा से पहले लाइटों की व्यवस्था की जानकारी करने के लिए पार्षद उत्तम सैनी, पवन चौधरी और संजय सैनी ने अपर नगर आयुक्त और वित्त एवं मुख्य अधिकारी से मुलाकात की। पार्षद पवन चौधरी ने कहा कि लाइटों की व्यवस्था नहीं हुई तो सोमवार से भूख हड़ताल पर बैठेंगे। महापौर का कहना है कि लाइट लगवाने की व्यवस्था में निगम के अधिकारियों से बातचीत चल रही है।
हर वार्ड में 10 कट्टे चूना देंगे
प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी का कहना है कि महानगर में 300 से ज्यादा मंदिर है। जहां पर रोजाना साफ-सफाई की व्यवस्था चल रही है। प्रत्येक वार्ड में 10-10 कट्टे चूना देने की तैयारी चल रही है। पार्षदों की डिमांड के आधार पर चूना वितरित किया जाएगा। दो-तीन दिन में चूना नगर निगम में आ जाएगा।