आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी और संघ यह बात अच्छे से जानते हैं कि लोकसभा चुनाव में उनके पास जीत का एकमात्र मंत्र राम मंदिर का मुद्दा है। जिसे उठाकर वो हिंदू समाज की भावनाओं से खिलवाड़ कर उनके वोट हासिल करेंगे।
उधर, मुफ्ती अजफर के बयान पर पलटवार करते हुए अंतरराष्ट्रीय ध्यानगुरु स्वामी दीपांकर महाराज ने कहा कि बेहद गंभीर मुद्दे पर आधे अधूरे ज्ञान के साथ बयान देना देश को नुकसान पहुंचाना वाला साबित होता है। कहा कि मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है तो ऐसे में कोई भी सरकार अध्यादेश कैसे ला सकती है।
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