जीएसटी के बाद ठंडे पड़े बाजार को रक्षाबंधन पर सौ करोड़ के कारोबार की संजीवनी मिलने का अनुमान है। बहनें जहां राखियां खरीद रही हैं, तो वहीं अन्य उत्पादों की भी जमकर खरीद हो रही है।
राखी : शहर के गली मुहल्लों से लेकर मुख्य बाजारों में राखियों की दुकानें सजी हैं। करीब 20 ये 25 करोड़ का कारोबार इसका होता है।
मिठाई : राखी बांधकर मुंह मीठा करने का शगुन होता है। इसलिए बाजार में तरह-तरह की मिठाइयों की भरमार है। अधिकांश दुकानों पर बिक्री का लक्ष्य तीन दिनों का रखा गया है। जो करीब 15 करोड़ रुपये पार कर रहा है।
गिफ्ट पैक : राखी पर गिफ्ट आइटमों की धूम है। बाजार ने इसकी खास तैयारी की है। मोबाइल फोन से लेकर ज्वैलरी तक देने का ट्रेंड है। इसी का बाजार तीस करोड़ को पार कर रहा है। कपड़े: इस त्योहार पर कपड़े खरीदने और गिफ्ट करने का ट्रेंड भी बढ़ा है। साड़ियों का नया कलेक्शन मार्केट में उपलब्ध है तो वहीं छोटे बच्चों के कपड़ों की भी पूरी रेंज है। यह बाजार भी दस करोड़ से कम नहीं।
अन्य सामान: वाहनों का किराया, पेट्रोप पंपों पर डीजल पेट्रोल की सेल तथा पूजा की अन्य सामग्री की भी रक्षाबंधन पर खूब बिक्री हो रही है।