मेरठ। आयकर रिटर्न भरने की आखिरी तारीख होने के कारण शनिवार रात 12 बजे तक आयकर विभाग का कार्यालय खुला रहा। हालांकि ई-रिटर्न ज्यादा दाखिल करने के कारण महज 228 करदाताओं ने ही मैन्युअल तरीके से रिटर्न दाखिल कीं। ई-रिटर्न वालों का आंकड़ा नहीं मिल सका। वहीं, दिन में कार्यालय पहुंचे लोगों ने स्टाफ न होने का आरोप लगाया।
आयकर विभाग कार्यालय देर रात तक खुले जाने के पीछे मुख्य मकसद यह था कि वरिष्ठ नागरिकों और पांच लाख रुपये से कम आय वाले अन्य करदाताओं को रिटर्न दाखिल करने की सुविधा मिल सके। पहले अंतिम तारीख 31 जुलाई थी। बाद में विभाग ने पांच दिन की मोहलत दे दी थी। इसके अलावा रिफंड का क्लेम न होने पर पांच लाख रुपये तक आय वाले सामान्य करदाताओं को और 80 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को कार्यालय जाकर रिटर्न दाखिल करने की अनुमति दी गई थी।
चार्टेड अकाउंटेंट अभिषेक गोयल ने बताया कि मैन्युअली रिटर्न कम दाखिल होने की वजह ज्यादा तादाद में ई-रिटर्न दाखिल करना रहा है। वार्षिक शुल्क पर आयकर छूट नहीं होने के कारण लोगों को परेशानी हुई। जो व्यावसायिक कॉलेज हैं, उनमें लाखों रुपये फीस जाती है। उन्हें छूट का विकल्प तलाशने में दिक्कत आई है। गौरतलब है कि तारीख बढ़ने के बाद पिछले चार दिन में आयकर कार्यालय में दो हजार से ज्यादा मैन्युली रिटर्न भरे गए थे।
खास बात
- शनिवार रात 12 बजे तक खुला आयकर विभाग कार्यालय
- 31 जुलाई से बढ़ाकर पांच अगस्त की गई थी तारीख