कोरोना को हराकर आईसीयू से बाहर आए दरोगा राकेश सिंह
मेरठ। नौचंदी थाने में तैनात दरोगा राकेश सिंह (57) कोरोना संक्रमण के चलते पिछले कई दिन से नाजुक हालत में थे। चिकित्सकों ने फेफड़ों की हालत देखकर साफ कह दिया था कि अब जान बच नहीं सकती। हालांकि चिकित्सकों और पुलिस अधिकारियों ने हिम्मत दिलाई और आखिरी क्षण प्लाज्मा चढ़ाया। इस पर दरोगा कोरोना को मात देकर आठवें दिन योद्धा के रूप में आईसीयू से बाहर आ गए। उन्हें जनरल वार्ड में शिफ्ट किया गया है।
मुरादाबाद के कटघर थाना अंतर्गत इंदिरा कॉलोनी निवासी दरोगा राकेश सिंह का बीती तीन अगस्त को कोरोना टेस्ट हुआ। जिसमें उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद वह सुभारती अस्पताल में आइसोलेट हो गए। उन्होंने मोबाइल पर बातचीत में बताया कि उन्हें 13 अगस्त की रात सांस लेने में दिक्कत हुई और उनकी हालत नाजुक होती चली गई। जिसके चलते चिकित्सकों ने उन्हें आईसीयू में शिफ्ट कर दिया। इस पर एसएसपी अजय साहनी चिकित्सकों से दरोगा राकेश सिंह के स्वास्थ्य की जानकारी लेते रहे। उन्होंने दरोगा से मोबाइल पर बातचीत की और कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है। आपकी हरसंभव मदद की जाएगी। आपको हर हाल में स्वस्थ होकर ड्यूटी पर लौटना है। एसएसपी के ये शब्द सुनकर दरोगा भावुक हो गए। वहीं, 15 अगस्त को पुलिस विभाग से 20 सिपाहियों की टीम प्लाज्मा डोनेट करने के लिए भेजी गई। जिनमें कोरोना का मात देने वाली कांस्टेबल प्रीति यादव और कांस्टेबल राजेश कुमार ने प्लाज्मा डोनेट किया। चिकित्सकों ने दरोगा को प्लाज्मा चढ़ाया तो उनकी तबीयत बेहतर होती चली गई। अब उन्हें जनरल वार्ड में भर्ती कराया है।
डीजीपी को किया ट्वीट
दरोगा के पुत्र मनु ठाकुर ने शुक्रवार को डीजीपी एवं मुख्यमंत्री को ट्वीट किया कि चिकित्सकों, मेरठ पुलिस के अथक प्रयास के चलते उसके पिता को बचा लिया गया। मैं मेरठ पुलिस के शीर्ष नेतृत्व के आगे नतमस्तक हूं। हमारे परिवार को मेरठ पुलिस पर गर्व है और आजीवन ऋणी रहेंगे।