बैठक में राकेश टिकैत ने कहा कि देश के किसानों का दुर्भाग्य है कि आजाद देश में किसान अपनी राजधानी दिल्ली में अपना विरोध करने नहीं जा सकता है। देश का किसान दिल्ली नहीं जा सकता तो सरकार किसानों को इस्लामाबाद भेज दे। उन्होंने कहा कि जिस तरह से सर्दी में किसानों पर वाटर कैनन का प्रयोग किया गया है, वह दुखद है। आज किसान अपना हक कानून के रूप में मांग रहा है। अगर प्रधानमंत्री कहते हैं कि न्यूनतम समर्थन मूल्य रहेगा, तो कानून क्यों नहीं बनाते। पीएम की नोटबंदी से क्या कालाधन समाप्त हुआ या 15 करोड़ किसी को मिले। देश के किसान को अगर यह कानून मंजूर नहीं, तो सरकार कानून तुरंत वापस लेकर किसान हित में समर्थन मूल्य को कानून बनाए।
उन्होंने कहा इस बार किसान आरपार किए बिना वापस घर पर नहीं जाएंगे। शुक्रवार को किसान सड़कों पर उतर कर अपने जिलों में राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करेंगे। बैठक में धर्मेंद्र मलिक, धीरज लाटियान, कुशलवीर, सतीश भारद्वाज, महकार सिंह, सहंसरपाल, शाहिद आलम, सतेंद्र प्रधान, कंवरपाल आदि मौजूद रहे।
सुरक्षा व्यवस्था की पुख्ता तैयारी
भाकियू के आंदोलन को लेकर पुलिस प्रशासन ने भी अपनी तैयारी कर ली है। एसएसपी अभिषेक यादव ने बताया कि नावला कोठी पर दो कंपनी पीएसी, जनपद का फोर्स तैनात रहेगा। कानून व्यवस्था का पालन कराया जाएगा। प्रयास रहेगा कि किसान शांतिपूर्वक आंदोलन करें।
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