पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पिछले दो दिनों से हो रहे मौसम के बड़े बदलाव ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के चलते मार्च की तपती गर्मी अचानक गायब हो गई है और लोगों को एक बार फिर अलमारी से गर्म कपड़े निकालने पड़े हैं। जहां एक ओर बारिश ने प्रदूषण से राहत दी है वहीं किसानों के लिए यह बारिश कहीं खुशी, कहीं गम वाली साबित हो रही है।
मार्च महीने की शुरुआत में जिस तरह मेरठ का पारा 35 डिग्री सेल्सियस को छू रहा था उसने समय से पहले भीषण गर्मी के संकेत दे दिए थे। लेकिन पिछले 48 घंटों की लगातार बारिश ने समीकरण बदल दिए हैं। शुक्रवार को अधिकतम तापमान गिरकर 18.4 डिग्री सेल्सियस पर आ गया जो सामान्य से काफी कम है। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की मौसम वेधशाला के अनुसार, न्यूनतम तापमान 16.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शुक्रवार देर शाम तक जिले में 16.6 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का अनुमान है कि शनिवार को भी बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश के आसार बने हैं। रात में घना कोहरा छाया रहा।
संतोषजनक श्रेणी में पहुंचा मेरठ का एक्यूआई
बारिश का सबसे सकारात्मक असर शहर की आबोहवा पर पड़ा है। धूल के कण और प्रदूषण साफ होने से मेरठ का वायु गुणवत्ता सूचकांक 68 दर्ज किया गया है। लंबे समय बाद शहर की हवा संतोषजनक श्रेणी में आई है जिससे लोगों को सांस लेने में ताजगी महसूस हो रही है।
माछरा में खेतों में बिछ गई फसल
कृषि वैज्ञानिक डॉ. आरएस सेंगर का कहना है कि बढ़ती गर्मी गेहूं और सरसों की फसल के दाने को सुखा सकती थी जिसे इस बारिश और ठंडक ने बचा लिया है। यह नमी फसल के उत्पादन को बढ़ाने में सहायक होगी। इधर माछरा क्षेत्र में तेज हवाओं के कारण सिंचाई की गई गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई है। इसके अलावा आलू की खुदाई का काम पूरी तरह ठप हो गया है। गन्ना कोल्हू का जलावन (ईंधन) भीगने से कोल्हू बंद हो गए हैं। तेज हवा से आम का बौर (फूल) टूटकर गिर गया है, जिससे बागवानों को भारी नुकसान की आशंका है। किसान मुकेश, महेश और राहुल ने बताया कि अब बारिश की जरूरत नहीं है।
जलभराव ने खोली नगर निगम की पोल
हल्की बारिश ने ही मेरठ नगर निगम के ड्रेनेज सिस्टम के दावों की हवा निकाल दी है। शुक्रवार को बुढ़ाना गेट, गंगानगर और खैरनगर जैसे प्रमुख इलाकों में सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया। लोगों का कहना है कि नालों की सफाई समय पर नहीं हुई, जिसके कारण वे ओवरफ्लो हो रहे हैं। हल्की बारिश का पानी भी घंटों तक नहीं निकलता। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमर सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि सफाई अभियान जारी है और जहां भी जलभराव की शिकायत मिली है वहां टीमों को तत्काल रवाना कर पानी निकासी के इंतजाम किए गए हैं।
यातायात और जनजीवन
शुक्रवार सुबह से शुरू हुई गरज-चमक के साथ बारिश ने दफ्तर और काम पर जाने वालों की राह रोक दी। माछरा ओवरब्रिज के नीचे बड़ी संख्या में लोग बारिश से बचने के लिए शरण लेते नजर आए। बाजारों में भी ग्राहकों की आवाजाही कम रही और लोग घरों में दुबके रहे।