घर-घर जाकर भरवाए जाते थे फार्म
डॉक्टर सुशील गुप्ता ने बताया कि आरोपी ने कुछ लोगों को नौकरी के नाम पर रुपये लेकर फील्ड में फार्म लेकर भेजा था। जो लोगों के घर-घर जाकर फार्म भरवाते थे और लोगों से पांच सौ से एक हजार रुपये तक वसूल करते थे। जबकि आयुष्मान भारत योजना में न तो कोई फार्म भरवाया जाता है और न ही कोई शुल्क लिया जाता है।
नौकरी के नाम पर ली जा रही थी मोटी रकम
कार्यालय में चार कर्मचारी मौजूद मिले। इन कर्मचारियों में एक युवती रिसेप्सनिस्ट के रूप में कार्य करती है, जबकि अन्य फील्ड में कार्य करते हैं। डॉक्टर सुशील गुप्ता ने बताया कि आरोपी संचालक ने इन्हें भी सरकारी योजना बताते हुए उन्हें नौकरी दिलाने का झांसा देकर 35 से 50 हजार रुपये तक लिए हैं। उन्हें कहा गया है कि वह सरकारी कर्मचारी बन जाएंगे। उन्हें बताया गया कि यहां नया कार्यालय खोला गया है, होर्डिंग और बैनर छपने के लिए गए हुए हैं। लोगों ने उन्हें बताया कि लगभग 20 दिन पूर्व ही यह कार्यालय खोला गया है।
दो कर्मचारियों को भेजकर की गई थी रैकेट की जानकारी
डॉक्टर सुशील गुप्ता ने बताया कि हसनपुर क्षेत्र में कार्य करने वाली एएनएम और आशा कर्मचारियों ने सीएमओ को फर्जी आयुष्मान कार्ड बनवाने वाले कार्यालय के बारे में जानकारी दी थी। जिस पर उन्होंने विभाग के ही दो कर्मचारियों को भेजा था। जिन्होंने वहां जाकर आयुष्मान कार्ड बनवाने की बात कही थी। उन्हें भी फार्म दिया गया और भरकर रुपये भी मांगे गए थे।
पुलिस चौकी के सामने चल रहा था फर्जी कार्यालय
हसनपुर चौराहे पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जिस फर्जी कार्यालय पर छापा मारा वह कार्यालय हसनपुर पुलिस चौकी के ठीक सामने चल रहा था। किसी को खबर तक नहीं हो सकी कि यहां फर्जी तरीके से आयुष्मान भारत योजना के फार्म भरवाए जा रहे हैं, नौकरी के नाम पर लोगों से ठगी की जा रही है, लोगों को लोन दिलाने के नाम पर बेवकूफ बनाया जा रहा है। पुलिस को भी इसकी भनक नहीं लग सकी। छापा लगने के बाद पुलिस को फर्जी कार्यालय के बारे में पता चला।
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