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आयुष्मान भारत योजना के फर्जी कार्ड बनाने की सूचना पर छापेमारी, पुलिस चौकी के सामने चल रहा था 'खेल'

Fri, 26 Jul 2019 01:16 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
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मौके पर जांच करते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
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यूपी के सहारनपुर जिले में प्रधानमंत्री जन आरोग्य आयुष्मान भारत योजना के कार्ड बनवाने के नाम पर अवैध रूप से धन वसूलने के लिए शातिरों ने रैकेट खड़ा कर दिया और दफ्तर भी खोल लिया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हसनपुर चौराहे के पास स्थित इनके दफ्तर पर छापा मारा। वहां फार्म भरवाने का कार्य कर रहे कार्यालय संचालक को पकड़ लिया, लेकिन तभी वह टीम को चकमा देकर फरार हो गया। इस मामले में सदर कोतवाली में तहरीर दी गई है। 

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मुख्य चिकित्साधिकारी को सूचना मिली थी कि हसनपुर चौराहे के पास एक कार्यालय पर आयुष्मान भारत योजना के कार्ड बनाने के नाम पर लोगों से पैसे वसूले जाते हैं। गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग के जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉक्टर सुशील गुप्ता, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर धर्मवीर सिंह एवं स्वास्थ्य निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार की टीम ने कार्यालय पर छापा मारा। डॉक्टर सुशील गुप्ता के अनुसार मौके पर कार्यालय संचालक द्वारा एक व्यक्ति से आयुष्मान भारत योजना का फार्म भरवाते हुए पकड़ लिया। टीम ने आरोपी संचालक से पूछताछ की। लेकिन तभी वह चकमा देकर फरार हो गया। टीम ने कार्यालय में मौजूद चार कर्मचारियों से पूछताछ की। 

डॉक्टर सुशील गुप्ता ने बताया कि आरोपी संचालक द्वारा आयुष्मान भारत योजना के फर्जी फार्म छपवाकर लोगों से भरवाता था और 500 से एक हजार रुपये प्रति फार्म के लेता था। इसके अलावा कार्यालय में नौकरी लगवाने, ऋण दिलाने के लिए भी फार्म भरवाए जाते हैं। टीम ने मौके से आयुष्मान भारत योजना का एक फार्म एवं उसका आधार कार्ड भी बरामद किया है। इसके अलावा कार्यालय से एक उपस्थिति रजिस्टर भी टीम ने कब्जे में लिया है। डॉक्टर सुशील ने बताया कि जिस दुकान में कार्यालय खोला गया है उस दुकान मालिक की भी इसमें संलिप्तता की जांच की जाएगी। डॉक्टर सुशील गुप्ता द्वारा आरोपी के खिलाफ सदर कोतवाली में तहरीर दी गई है। सदर कोतवाली प्रभारी पंकज पंत का कहना है कि तहरीर मिली है, रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

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घर-घर जाकर भरवाए जाते थे फार्म
डॉक्टर सुशील गुप्ता ने बताया कि आरोपी ने कुछ लोगों को नौकरी के नाम पर रुपये लेकर फील्ड में फार्म लेकर भेजा था। जो लोगों के घर-घर जाकर फार्म भरवाते थे और लोगों से पांच सौ से एक हजार रुपये तक वसूल करते थे। जबकि आयुष्मान भारत योजना में न तो कोई फार्म भरवाया जाता है और न ही कोई शुल्क लिया जाता है।

नौकरी के नाम पर ली जा रही थी मोटी रकम 
कार्यालय में चार कर्मचारी मौजूद मिले। इन कर्मचारियों में एक युवती रिसेप्सनिस्ट के रूप में कार्य करती है, जबकि अन्य फील्ड में कार्य करते हैं। डॉक्टर सुशील गुप्ता ने बताया कि आरोपी संचालक ने इन्हें भी सरकारी योजना बताते हुए उन्हें नौकरी दिलाने का झांसा देकर 35 से 50 हजार रुपये तक लिए हैं। उन्हें कहा गया है कि वह सरकारी कर्मचारी बन जाएंगे। उन्हें बताया गया कि यहां नया कार्यालय खोला गया है, होर्डिंग और बैनर छपने के लिए गए हुए हैं। लोगों ने उन्हें बताया कि लगभग 20 दिन पूर्व ही यह कार्यालय खोला गया है।
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दो कर्मचारियों को भेजकर की गई थी रैकेट की जानकारी 
डॉक्टर सुशील गुप्ता ने बताया कि हसनपुर क्षेत्र में कार्य करने वाली एएनएम और आशा कर्मचारियों ने सीएमओ को फर्जी आयुष्मान कार्ड बनवाने वाले कार्यालय के बारे में जानकारी दी थी। जिस पर उन्होंने विभाग के ही दो कर्मचारियों को भेजा था। जिन्होंने वहां जाकर आयुष्मान कार्ड बनवाने की बात कही थी। उन्हें भी फार्म दिया गया और भरकर रुपये भी मांगे गए थे। 

पुलिस चौकी के सामने चल रहा था फर्जी कार्यालय 
हसनपुर चौराहे पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जिस फर्जी कार्यालय पर छापा मारा वह कार्यालय हसनपुर पुलिस चौकी के ठीक सामने चल रहा था। किसी को खबर तक नहीं हो सकी कि यहां फर्जी तरीके से आयुष्मान भारत योजना के फार्म भरवाए जा रहे हैं, नौकरी के नाम पर लोगों से ठगी की जा रही है, लोगों को लोन दिलाने के नाम पर बेवकूफ बनाया जा रहा है। पुलिस को भी इसकी भनक नहीं लग सकी। छापा लगने के बाद पुलिस को फर्जी कार्यालय के बारे में पता चला।

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