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रात भर थाने में ढूंढा पति, दोपहर जेल में मुलाकात  

Wed, 04 Apr 2018 01:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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उपद्रव के मुख्य आरोपी बनाए गए बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा को उनकी महापौर पत्नी सुनीता वर्मा शहर के थानों में ढूंढती रहीं। लेकिन कोई पता नहीं चला। जबकि सोमवार देर रात योगेश वर्मा समेत चार नेताओं को देहात के मुंडाली थाने की हवालात में रखा गया। मंगलवार सुबह महापौर पति से मुलाकात करने पहुंचीं तो उन्हें करीब तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा। जेल प्रशासन ने प्रोटोकाल के बजाय आम लोगों की तरह मुलाकात कराई। उधर, महापौर ने इसे सरकार की तानाशाही बताया।
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पहले हवालात, फिर हाई सिक्योरिटी बैरक
बसपा नेता योगेश वर्मा, सुनील कुमार, दिनेश काजीपुर व भोपाल को मुंडाली थाने की हवालात में रखा गया। बवाल के अंदेशे के चलते देर रात ही परमीशन के बाद योगेश समेत 162 उपद्रवियों को जेल भेजा गया। योगेश को जेल की हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया। 

नहीं होगी योगेश से मुलाकात 
पति योगेश जेल में पहुंच गया है, इसका पता महापौर को मंगलवार सुबह लगा। सुबह महापौर जेल के गेट पर पहुंचीं तो उन्हें रोक लिया गया। जेल प्रशासन ने कहा कि उच्चाधिकारियों का आदेश है कि योगेश से किसी की मुलाकात नहीं कराई जाए।  
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धूप में तीन घंटे इंतजार 
मुलाकात करने से रोकने पर महापौर ने मंडलायुक्त, डीएम समेत कई अधिकारियों को कॉल की। अधिकारियों ने पहली कॉल तो सुनी। जिसमें अधिकारियों ने जवाब दिया कि प्रोटोकाल के तहत आप मिल सकती हो। जेल अधिकारियों से बात करते हैं। लेकिन बाद में किसी ने कॉल रिसीव नहीं की। महापौर डीआईजी जेल के आवास पर पहुंचीं तो पता चला कि वे छुट्टी पर हैं। बाद में जेल प्रशासन ने कहा कि प्रोटोकाल के तहत मुलाकात नहीं होगी। मुल्जिम से मिलने आए हो तो नियमों के आधार पर मुलाकात संभव है। लेकिन महापौर ने कह दिया कि बिना मुलाकात वापस नहीं जाऊंगी। करीब तीन घंटे तक महापौर धूप में इंतजार करती रहीं। बाद में आईडी मंगाकर नियमानुसार महापौर, उनका बेटा तुषार व समर्थक सुधांशु महाराज की एंट्री हुई। खाने पीने का सामान पुलिस ने चेक किया।
 
... जब खुल गया था बड़ा गेट 
पत्नी के महापौर बनने के बाद करीब तीन महीने पहले योगेश वर्मा एक बसपा समर्थक से मुलाकात करने जेल गए थे। योगेश ने खुद को महापौर बताया था, जिस पर जेल प्रशासन ने बड़ा गेट खोल दिया था। इसको लेकर भाजपाइयों ने खूब बखेड़ा किया था। जिसके बाद जेल प्रशासन पर जांच भी बैठी थी। वक्त बदलते देर नहीं लगाता। मंगलवार को योगेश खुद जेल में थे और उनकी महापौर पत्नी पति से मुलाकात करने पहुंचीं तो उसी जेल प्रशासन ने बिना अनुमति के छोटा गेट तक नहीं खोला। तलाशी और पूछताछ के बाद ही आम लोगों की तरह मुलाकात कराई गई। 
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