मेरठ/मवाना। मवाना क्षेत्र में किशोरी की संदिग्ध हालात में मौत होने के मामले में रविवार को नया खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार किशोरी के परिजनों से बरामद सुसाइड नोट किशोरी की हत्या करने की तरफ इशारा कर रहा है। परिजनों से पूछताछ में सामने आया कि उन्होंने किशोरी से धमकाकर कागज पर उसके हस्ताक्षर कराए थे, जिसे किशोरी की जान लेने के बाद सुसाइड नोट बना दिया गया था। इस कागज पर हस्तलेख अलग-अलग मिला है। पुलिस अभी सीएमओ और एफएसएल की जांच रिपोर्ट आने के बाद केस में हत्या की धारा बढ़ाने की बात कह रही है।
मवाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी के पिता ने गांव के ही 62 वर्षीय व्यक्ति को नामजद करते हुए उसकी पुत्री के साथ दुष्कर्म का आरोप लगाया था। पुलिस के अनुसार चिकित्सकीय जांच में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई थी। बुधवार को किशोरी का शव घर में मिला था। पुलिस पहुंची थी तो परिजनों ने कहा कि शव को फंदे से उतारा गया है। उस समय परिजनों ने आरोप लगाया था कि पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं करने और पीडितों का ही उत्पीड़न करने के कारण किशोरी ने आत्महत्या की है। लेकिन दूसरे ही दिन किशोरी की एक ऑडियो क्लिप वायरल हो गई थी, जिसने पूरा केस पलट दिया था। शक की सुई परिजनों की तरफ घूमने पर पुलिस ने शुक्रवार को किशोरी के पिता और ताऊ को हिरासत में ले लिया था।
इंस्पेक्टर मवाना राजेंद्र त्यागी व अन्य अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ में किशोरी के पिता ने किशोरी की गला दबाकर हत्या कर उसे फंदे पर लटकाना स्वीकार किया। उसके ताऊ ने जानकारी होते हुए भी तथ्यों को पुलिस से छिपाया। इस मामले में मवाना के पूर्व ब्लॉक प्रमुख धीरज पहाड़पुरिया को को पुलिस ने शनिवार को जेल भेजा था। रविवार को किशोरी के पिता और ताऊ भी जेल भेज दिया गया।
सुसाइड नोट व मोबाइल एफएसएल भेजा
एसपी देहात अविनाश पांडेय ने बताया कि सुसाइड नोट घटनास्थल के समय नहीं मिला था। परिजनों के कहने पर शनिवार को मवाना पुलिस ने सुसाइड नोट बरामद किया था। जिसकी जांच कराई गई तो उसका हस्तलेख और हस्ताक्षर अलग-अलग मिले। इस सुसाइड नोट और किशोरी के मोबाइल को जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लैब भेजा गया। एसपी के अनुसार जांच में सामने आया कि 27 जनवरी को छात्रा ने आत्महत्या करने की कोशिश की थी। लेकिन उसे मां ने बचा लिया था। छात्रा रोने लगी तो पिता ने एक कागज पर उसके लाल पेन से साइन कराए थे। किशोरी के पिता ने बताया कि सुसाइड नोट लिखवाने के बाद किशोरी ने कहा कि सब कुछ तो तुमने मुझसे लिखवा लिया, तुम तो मुझे मारोगे। इसके बाद किशोरी की मां ने उक्त कागज को मरोड़कर चूल्हे की गरम राख में फेंक दिया था। किशोरी को जबरन कमरे में ले जाने के बाद उस अधजले कागज को फिर से उठा लिया गया था। इस बात की पुष्टि एफएसएल की रिपोर्ट से होगी कि सुसाइड नोट में हस्तलेख किशोरी का है या परिवार की किसी महिला सदस्य का। किशोरी जहां फंदे पर लटकी मिली थी, वहां ऊंचाई काफी कम थी और किशोरी के पैर जमीन पर टिक रहे थे।
35-35 लोग मुचलका पाबंद
पुलिस ने गांव में जातीय संघर्ष के अंदेशे को देखते हुए दोनों जातियों के 35-35 लोगों के खिलाफ 5-5 लाख के मुचलका पाबंद की कार्रवाई की है। हिरासत में लिए गए वैद्य को फिलहाल सुपुर्दगी में दे दिया है। जबकि किशोरी की ऑडियो वायरल करने वाला आरोपी का भाई हिरासत में है। नामजद बृजपाल को पुलिस अभी तक नहीं पकड़ सकी। किशोरी को परेशान करने वाले दो किशोरों का भी नाम सामने आया है। पुलिस का कहना है कि किशोरी जब दौड़ लगाने जाती थी तो गांव के ही किसी युवक ने उससे दोस्ती का प्रस्ताव रखा था। जिस पर किशोरी ने उसे थप्पड़ मार दिया था। तभी से उक्त युवक व उसका दोस्त किशोरी व उसके परिवार से रंजिश रखने लगे थे, तथा बदला लेने की फिराक में थे।