घायल इंस्पेक्टर की ओर से रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने इस बवाल में पूरा दोष पब्लिक पर मढ़ दिया है, लेकिन किसी भी पुलिस वाले पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। भाजपा नेता विनीत अग्रवाल शारदा आदि भाजपाइयों का कहना है कि पुलिसकर्मियों ने भी सिख युवक के साथ बदतमीजी की। उसका पटका उतर गया और केश खुल गए। घटना के दौरान हुई फोटोग्राफी में भी पुलिस वाले सिख युवक से हाथापाई करते नजर आ रहे हैं। उस पर लाठियां उठा रखी हैं। यदि पुलिस संयम से काम लेती तो शायद यह नौबत न आती। इसलिए इस मामले में पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
खुफिया विभाग रहा फेल
पिछले हफ्ते पाक को हराने पर भी बेगमपुल पर जश्न में करीब एक घंटे तक दिल्ली रोड जाम रही थी। एक पुलिस अधिकारी पर उस समय भी भीड़ ने चप्पल और पानी की बोतल फेंकी थी। यदि खुफिया विभाग पहले से सतर्क रहता और बेगमपुल पर एक्शन मोबाइल के अलावा आरएएफ या पीएसी पहले से तैनात होती तो स्थिति यूं न बिगड़ती।
ये रहे प्रदर्शन में शामिल
सोमवार रात एसएसपी आवास पर हंगामा करने के दौरान गुरुद्वारा थापर नगर के प्रबंधक सरदार रणजीत सिंह, सरदार राजवीर सिंह, जसवीर सिंह, रमनदीप सिंह आदि के अलावा भाजपा से अजय गुप्ता, करूणेश नंदन गर्ग, जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा, सोमेंद्र तोमर, विवेक वाजपेयी, रविंद्र तेवतिया, नीरज मित्तल, आलोक सिसौदिया, गजेंद्र शर्मा, अमित शर्मा, ठा. ओपी सिंह, अंकित सिंघल, सुनील अग्रवाल, अनिल अग्रवाल, विशाल सारस्वत, मनोज वर्मा, संदीप रेवड़ी, अरुण वशिष्ठ, अनिल मित्तल, हर्ष गोयल, प्रदीप शर्मा, सीमा अग्रवाल, तुषार गुप्ता, दीपक शर्मा, सनी, मुकुल शर्मा आदि मौजूद रहे।
दरोगा पर करो सख्त कार्रवाई : ईशु
बेगमपुल बवाल में सोमवार रात कैंट से सपा प्रत्याशी परविंदर सिंह ईशु एसएसपी से मिले। उन्होंने कहा कि इस मामले में जिस सिख युवक पर कातिलाना हमले की धारा लगाई गई है, उसे तत्काल हटाया जाए। इस मामले को गंभीरता से लेकर उस दारोगा के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें, जिसने सिख युवक की पगड़ी का अपमान करने की हिमाकत की। ईशु के मुताबिक एसएसपी ने आश्वासन दिया है कि वह एसपी क्राइम से इस मामले की जांच करा रहे हैं। निश्चित रूप से एक्शन होगा। इस मौके पर हैपी सिंह, बलजीत कौर, रिंकू, मोनू गुप्ता, जयकरण, आरिफ अंसारी, सुशील जाटव, संजू सिंह, ओमप्रकाश महानामा आदि मौजूद रहे।
ईशु का हुआ विरोध
ईशु के एसएसपी आवास पर पहुंचने का विरोध भी किया गया। सिख समाज के कुछ लोगों ने विरोध जताते हुए कहा कि ईशु किसी पार्टी से प्रत्याशी बाद में हैं, लेकिन पहले सिख समुदाय से हैं। समाज का जिम्मेदार होने के नाते ईशु को सबसे पहले आगे आना चाहिए था, लेकिन उन्होंने विरोध जताने में ही काफी देर लगा दी। ईशु चाहते तो सिख युवक को जेल जाने से बचा सकते थे। अब वोटों की राजनीति की जा रही है।