कूड़े से बनने वाली बिजली की खरीद मुहर लगने का इंतजार
मेरठ। दिल्ली रोड पर भूड़बराल में स्थित कूड़े से बिजली बनाने वाले प्लांट से बिजली खरीद और बिक्री की दरों पर अंतिम मोहर विद्युत नियामक आयोग लगाएगा। प्लांट की फाइल विद्युत खरीद बिक्री अनुबंध के बाद उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग पहुंच चुकी है। विद्युत दरों का निर्धारण और कनेक्टिविटी संबंधित निर्देश मिलने के बाद जमीनी स्तर पर कनेक्टिविटी का काम शुरू होगा। उसके बाद विद्युत सप्लाई शुरू हो जाएगी।
दिल्ली रोड स्थित भूड़बराल में एक व्यक्ति ने अपने निजी खर्च से कूड़े से बिजली बनाने का प्लांट लगाया है। प्लांट तैयार है। उसमें बिजली भी बन रही है। तैयार हो रही बिजली का उपयोग अभी प्लांट में ही किया जा रहा है। कंपनी की मंशा के अनुरूप शहर के कूड़े से बड़े स्तर पर बिजली बनाई जाएगी, जिसे विद्युत विभाग को बेचा जाएगा। कूड़े को लेकर कंपनी और नगर निगम के बीच समझौता हो चुका है। अब कंपनी विद्युत नियामक आयोग के पास बिजली की खरीद व बिक्री रेट निर्धारित करने के लिए अनुमति मांगने पहुंच गई है। इस पर विद्युत नियामक आयोग अंतिम मुहर लगाएगा। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर लक्ष्मीकांत वाजपेई का कहना है कि शहर को कूड़े से मुक्त करने के लिए विजेंद्र कुमार ने यह प्लांट लगाया है। प्लांट में कूड़े के निस्तारण का काम चल रहा है। उम्मीद है कि इसी माह विद्युत नियामक आयोग की संस्तुति के बाद कूड़े से बनने वाली बिजली को विद्युत विभाग की लाइन में छोड़ दिया जाएगा और बड़े स्तर पर शहर से निकलने वाले कूड़े का निस्तारण शुरू हो जाएगा।