वहीं, परिवार को सांत्वना देने के लिए सुबह से ही शहीद अजय के घर पर लोगों का तांता लगा रहा। शहीद की पत्नी प्रियंका पांच माह की गर्भवती हैं, ऐेसे में डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है। रिश्तेदार और परिवार के लोग भी प्रियंका को यही समझा रहे हैं कि हिम्मत से काम लो।
पिता ने की विधायक से बेटे के नाम पर अस्पताल बनाने की मांग
जानीखुर्द। बृहस्पतिवार को सिवालखास विधायक जितेंद्र सतवई ने भी शहीद अजय के परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी। अजय के पिता वीरपाल सिंह ने उनसे बसा टिकरी में बेटे के नाम पर एक अस्पताल बनाने की मांग रखी। इसके अलावा उन्होंने निवाड़ी-धौलडी मार्ग पर पतला में स्थित चौराहे का नाम अजय के नाम पर रखने की भी मांग की। जिस पर विधायक ने शासन को यह प्रस्ताव भेजने का आश्वासन दिया। विधायक ने जिलाधिकारी से तेहरवीं के दिन मौसम को देखते हुए पतला स्टेडियम में चार हजार व्यक्तियों की क्षमता का वाटर प्रूफ पंडाल लगाने के लिए बात भी की।
‘देश की सुरक्षा संभाल रहे 14 भाई’
शहीद अजय कुमार के तहेरे भाई वरुण चौधरी ने बताया कि उनके परिवार में 14 भाई हैं, जिनमें वह खुद सीआरपीएफ में हैं। शेष सभी भाई भी एयरफोर्स, सेना, पुलिस में हैं। वरुण ने बताया कि सात अप्रैल 2011 को मध्यप्रदेश के जबलपुर में अजय कुमार की भर्ती हुई थी, जो 30 जनवरी तक छुट्टी पर रहने के बाद एक फरवरी को जम्मू-कश्मीर को वापस चला गया था और चार फरवरी को पुलवामा में ड्यूटी पर पहुंच गया था।
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