जिला पंचायत सदस्य पद के दावेदारों की सूची पर उठे सवाल
मेरठ। भाजपा में जिला पंचायत सदस्य पद के दावेदारों की सूची तैयार करने को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। संगठन ने जो नियम तय किये थे, उनकी अनदेखी कर मनमाने ढंग से जिला इकाई और जनप्रतिनिधियों ने सूची तैयार कराई। वार्ड प्रभारियों ने बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से फीड बैक लेकर दावेदारों का वरीयता क्रम तय करते हुए जो सूची सौंपी थी, वह पूरी तरह बदल दी गई है।
भाजपा संगठन ने सभी 33 जिला पंचायत वार्ड में एक - एक प्रभारी बनाए थे। इन प्रभारियाें ने अपने अपने वार्ड में जाकर कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ न केवल बैठकें कीं, बल्कि मजबूत दावेदारों पर भी चर्चा की। स्थानीय कार्यकर्ताओं की फीडबैक के बाद जो आवेदन आए, उनका वरीयता क्रम तय करते हुए सूची जिला कार्यालय पर दे दी गई।
भाजपा कार्यकर्ताओं में चर्चा है कि तीन दिन पहले क्षेत्रीय कार्यालय पर हुई बैठक में मनमाना खेल हुआ। चहेतों को प्रत्याशी बनाने और विरोधियों का पत्ता साफ करने का पूरा काम हुआ। इसमें यदि वार्ड प्रभारी के पैनल में कोई वरीयताक्रम में एक नंबर पर था तो उसे चौथे नंबर पर कर दिया गया। कुछ नाम जो सूची में शामिल भी नहीं थे, उन्हें कार्यालय पर ही शामिल कर प्रथम वरीयता के साथ शामिल कर लिया गया।
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अब लखनऊ में डाला डेरा
तमाम दावेदार जिनके नाम पैनल से गायब हैं, या फिर उन्हें वरीयता क्रम में नीचे रखा गया है। उन्होंने लखनऊ में डेरा डाल दिया है। क्योंकि प्रांतीय नेतृत्व ही जिला पंचायत चुनाव के लिए प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी करेगा।