दौराला। चारे की फसल को बढ़ावा देने के लिए पशु चिकित्सा विभाग की ओर से किसानों को बीज खाद नि:शुल्क देने की योजना लागू की गई है। योजना के अंतर्गत जल्द किसानों का चयन किया जाएगा। इससे किसानों को पशुओं को पालने में दिक्कत नहीं होगी और डेयरी संचालन को बढ़ावा मिलेगा।
गहरा रहा चारे का संकट
गांव देहात में चारे की कम होती बुआई के चलते पशुओं को सूखे भूसे पर निर्भर रहना पड़ता है। मक्का की फसल के बाजार में दाम अच्छे न मिलने के कारण किसानों का इस फसल से मोहभंग होता जा रहा है। चना, ज्वार व बरसीम की खेती भी किसान कम ही कर रहे है। जिस कारण वर्तमान में हरा चारा दिन प्रतिदिन महंगा होता जा रहा है।
यह लागू की गई योजना
सरकार ने अतिरिक्त चारा प्रबंधन के नाम से योजना लागू की है। जिसमें एक बीघा से पांच बीघा तक जमीन वाले किसानों को चारे की बुआई के लिए पशु चिकित्सा विभाग की ओर से बीज व खाद नि:शुल्क दिया जाएगा। पशु पालक व डेयरी संचालक को इसको लेकर प्राथमिकता दी जायेगी। इस योजना का किसानों को लाभ देने के लिए चयन प्रक्रिया की जाएगी।
किसानों के चयन को लेकर मिलेगा टारगेट
इस योजना को परवान चढ़ाने के लिए क्षेत्रीय पशु चिकित्सा अधिकारियों को गंगा यात्रा के बाद टारगेट दिया जाएगा। जिसके बाद किसानों की चयन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। चयनित होने वाले किसान को अपनी जमीन की खसरा खतौनी व पास बुक की फोटो कॉपी देनी होगी। ताकि उन्हें समय से लाभ दिया जा सके।
जल्द चयन प्रक्रिया शुरू होगी
चारे की फसल के साथ-साथ पशुपालन व डेयरी संचालन को बढ़ावा देने के लिए अतिरिक्त चारा प्रबंधन योजना लागू की गई है। किसानों की संख्या को लेकर निर्देश मिलते ही चयन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इससे पशुओं के चारे को लेकर गहरा रहा संकट खत्म होगा। - डॉ. अशोक कुमार, प्रभारी पशु चिकित्सालय सकौती