राष्ट्रपति ने उनके द्वारा विकसित सर्वसुलभ योग गतियों के बाद उनके सैनिकों पर किए गए नवीनतम प्रयोग अश्वारोही योग को सराहते हुए कहा कि योग का दायरा इतना बड़ा है कि मानवता के सम्मुख पनप रही अधिकांश समस्याओं को इसमें समाहित करके उनके यौगिक समाधान खोजे जाने की दिशा में अधिक कार्य होने ज़रूरी हैं।
मोक्षायतन योग संस्थान की ओर से स्वामी विवेकानंद जन्मदिवस पर मनाए जाने वाले राष्ट्रीय युवा दिवस कार्यक्रम श्रृंखला के शुभारंभ उपलक्ष में गुरु गोविंदसिंह जयंती पर राष्ट्रपति भवन पहुंचे।
स्वामी भारत भूषण ने राष्ट्रपति को स्वामी विवेकानंद की भव्य ध्यानात्मक ताम्र प्रतिमा व केसरिया पगड़ी भी भेंट की। गुरु गोविन्द सिंह और स्वामी विवेकानंद दोनो ही विभूतियों के परिपेक्ष में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि अलग-अलग समय में इन विभूतियों ने दुनिया को भारत की आध्यात्मिक पहचान, सेवाभाव, सह अस्तित्व व राष्ट्रीय अस्मिता की महत्ता से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि अपने अपने क्षेत्र में विशिष्टता से कार्य करके हम अपनी सेवा से देश को मजबूत कर सकते हैं।
गुरु भारत भूषण के साथ मौजूद रहे राष्ट्र वंदना प्रकल्प प्रमुख विद्यार्णव शर्मा और प्रकाशन व संपर्क प्रमुख नीरज ने राष्ट्रपति को सिंहावलोकन तथा युग के देवता बिस्मिल और अशफाक पुस्तक भेंट की। योग गुरु ने बताया कि योग में संस्कारित नई पीढ़ी संस्थान के 'शक्ति : संयम : सेवा' के सूत्रवाक्य से विविध प्रकल्पों के माध्यम से मजबूत देश के निर्माण में योगदान दे रही है।