गन्ने के खेत में सफेद मक्खी मिलने पर मिल के गन्ना विशेषज्ञों ने किसानों को दी सलाह
विशेषज्ञों ने खेतों में जाकर किया गन्ने की फसल का निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
सरूरपुर। दौराला चीनी मिल के गन्ना विशेषज्ञों की टीम ने विभिन्न गांवों में खेतों का निरीक्षण कर गन्ने की फसल की स्थिति परखी। टीम ने किसानों से फसल संबंधी समस्याओं की जानकारी ली और कीट व रोगों से बचाव के उपाय बताए। ज्यादातर खेतों में फसल की स्थिति अच्छी मिली और रोग-कीट का प्रकोप अधिक नहीं मिला।
गन्ना वैज्ञानिक डॉ. अवधेश जगर के नेतृत्व में टीम ने खेड़ी, दौराला, अलीपुर, नानू, रतौली, पथौली, भावड़गला, सरूरपुर, डाहर और परासी गांवों में खेतों का जायजा लिया। कुछ खेतों में सफेद मक्खी की मौजूदगी मिलने पर किसानों को नीम के तेल का घोल बनाकर पत्तियों पर छिड़काव करने की सलाह दी गई। साथ ही टॉप बोरर और पत्ती लपेटक कीट की चौथी पीढ़ी पर निगरानी रखने को कहा।
चीनी मिल के सहायक महाप्रबंधक गन्ना जेपी तोमर ने किसानों से फसल की जरूरत के अनुसार समय से सिंचाई करने की अपील की। उन्होंने कहा कि खेत में पर्याप्त नमी रहने से गन्ने की बढ़वार अच्छी होती है। किसानों को खाली स्थानों पर सरसों और आलू जैसी फसलें लगाने की सलाह भी दी गई। गन्ना विकास प्रबंधक डॉ. प्रणव राणा ने रोगों से बचाव के लिए ट्राइकोडर्मा जैसे जैविक फफूंदनाशक के प्रयोग की जानकारी दी। उन्होंने किसानों से फसल में रोग या कीट के लक्षण दिखाई देने पर कृषि विशेषज्ञों से सलाह लेने की अपील की। निरीक्षण के दौरान चीनी मिल अधिकारी, विशेषज्ञ और किसान मौजूद रहे।