मेरठ। सीसीएसयू ने फाइनल ईयर की परीक्षाओं को चार पालियों में कराने का ब्लूप्रिंट तैयार किया है। शुक्रवार को कुलपति ने कॉपियों के मूल्यांकन और कई विषयों में एडमिशन की प्रक्रिया को लेकर घंटों समीक्षा की। विवि प्रशासन लॉकडाउन में ही ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया भी शुरू कराने की प्लानिंग कर रहा है। ताकि छात्र-छात्राओं को एडमिशन प्रक्रिया के लिए अधिक से अधिक समय मिल सके। इसके साथ ही जून के प्रथम सप्ताह से परीक्षाएं आयोजित कराने को लेकर नया परीक्षा कार्यक्रम भी फाइनल किया जा रहा है।
कोरोना के कारण पिछले 50 दिन से बंद चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय कैंपस और कॉलेजों के बंद होने के कारण सब कुछ चुनौतीपूर्ण हो चुका है। ऐसे में विवि प्रशासन ने निर्णय लिया है कि जो भी काम एडवांस में जितना हो जाए, वह छात्रों के हित में होगा। कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने शुक्रवार को इसको लेकर समीक्षा की। तय किया गया है कि लॉकडाउन खुलने के बाद सबसे पहले फाइनल ईयर की यूजी-पीजी की परीक्षाओं को खत्म कराया जाए। फाइनल ईयर में बहुविकल्पीय सवालों की परीक्षा वैसे भी दो घंटे की होती है। ये परीक्षा 89 पालियों की है। ऐसे में इनको तीन की बजाय चार पालियों में कराने के लिए ब्लूप्रिंट तैयार किया है। प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला ने बताया कि शुक्रवार को इसको लेकर पूरी कार्ययोजना बनाई गई है कि एक साथ सारे काम कराने से बहुत बोझ बढ़ेगा ऐसे में जितने भी काम एडवांस में हो सकते हैं उनको पूरा करा लिया जाए। प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्रों की परीक्षाएं बाद में भी कराई जा सकती हैं लेकिन पीजी कोर्सों में एडमिशन के लिए फाइनल ईयर का रिजल्ट पहले आना जरूरी है। ऐसे में वार्षिक प्रणाली के बाद सेमेस्टर में भी पहले फाइनल ईयर की परीक्षाएं होंगी, ताकि एमफिल आदि में एडमिशन लिए जाने में छात्रों को परेशानी न आए। प्रो. वाई विमला ने बताया कि इस बारे में पूरी तैयारी कर ली गई है। लॉकडाउन खुलने के बाद परीक्षा कार्यक्रम घोषित कर दिया जाएगा।
मोबाइल एप के रूप में काम करेगी वेबसाइट
कैंपस में शुक्रवार को हुई बैठक में एडमिशन प्रक्रिया को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। एडमिशन पोर्टल को बनाई गई सीसीएसयू की वेबसाइट मोबाइल एप की तरह काम करेगी। इसके कई फीचर में बड़ा बदलाव किया गया है। कोई भी छात्र-छात्रा मोबाइल से बड़ी आसानी से रजिस्ट्रेशन कर सकता है। प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला ने बताया कि सबसे पहले हम उन कोर्सों में रजिस्ट्रेशन शुरू करेंगे जिनमें दाखिले एंट्रेंस से होते हैं। इसके लिए फाइनल ईयर में होना जरूरी है। क्योंकि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में समय लगता है। अगर लॉकडाउन आगे भी बढ़ा तो भी रजिस्ट्रेशन चलते रहेंगे। जितना काम लॉकडाउन में होगा उसके बाद लॉकडान खुलने पर भी छात्रों को मौका मिलेगा। इससे समय बचेगा और एंट्रेंस जल्द से जल्द करा लिया जाएगा।
पासपोर्ट की तरह मिलेगा एडमिशन का समय
वेबसाइट पर एक वीडियो भी अपलोड रहेगी। एडमिशन की पूरी प्रक्रिया को दिखाया जाएगा, ताकि छात्रों को नुकसान न हो। इसके अलावा जिन छात्रों का नंबर आएगा उनको कॉलेज में जाने के लिए मोबाइल पर ही पासपोर्ट के वेरीफिकेशन की तरह सूचना मिलेगी, ताकि सोशल डिस्टेंस में काम हो सकेे।