नई भू अधिग्रहण नीति से मुआवजे की मांग को लेकर 23 माह से धरना दे रहे शताब्दीनगर के किसानों का धैर्य शनिवार को जवाब दे गया। भाकियू की पंचायत के बीच किसान पास ही बनी पानी की टंकी पर चढ़ गए और अपने ऊपर केरोसिन उड़ेल लिया।
कपड़े उतारकर उनमें आग लगा दी। सूचना पर अधिकारियों के होश उड़ गए। आनन-फानन में पहुंचे अधिकारियों को भी किसानों ने बंधक बनाकर गाड़ियों पर कब्जा कर लिया। सात घंटे चले हंगामे में अधिकारियों ने डीएम से बात कर 16 मई को फाइनल बैठक का आश्वासन दिया। इसके बाद ही किसान टंकी से उतरे।
प्रतिकर की मांग को लेकर घोपला जैनपुर आदि गांव के किसान 23 माह से शताब्दीनगर में धरना दे रहे हैं। उनका कहना है कि हर बार बैठक की तारीख मिलती है और निर्णय नहीं हो रहा। शनिवार को किसानों ने भाकियू की पंचायत बुलाई थी।
इसमें गाजियाबाद, हापुड़ आदि समेत कई जिलों से किसान पहुंचे थे। पंचायत शुरू होते ही सुबह 9 बजे किसान पास ही बनी पानी की टंकी पर चढ़ गए। 50 से ज्यादा महिला किसान भी टंकी पर चढ़ गईं। किसान लाउड स्पीकर, केरोसिन लेकर ऊपर गए थे।
उन्होंने ऐलान कर दिया कि यदि आज ही मांग पूरी नहीं हुई तो वे टंकी से कूदकर या केरोसिन छिड़ककर जान दे देंगे। हंगामे की सूचना पर पुलिस और अधिकारियों में हड़कंप मचा गया।
परतापुर थाना पुलिस, सिटी मजिस्ट्रेट केशव कुमार, एसीएम रितु पूनिया, तहसीलदार एमडीए करनवीर सिंह, अधीक्षण अभियंता शबीह हैदर, एक्सईएन पीएस मिश्रा, एपी सिंह आदि किसानों के बीच पहुंचे और उन्हें समझाने का प्रयास किया। किसानों ने साफ कह दिया कि डीएम, एमडीए वीसी या सचिव को बुलाओ तभी बात बनेगी। इस दौरान पंचायत में वक्ताओं ने भी अधिकारियों को खूब खरी खरी सुनाई।
आग लगने से मचा हंगामा
टंकी पर चढ़े किसान ने अपनी शर्ट उतारकर उसमे आग लगा दी और खुद के ऊपर भी केरोसिन डालकर आग लगाने और महिलाओं ने टंकी से कूदने की कोशिश की। इसे हड़कंप मच गया।
किसान, पुलिस, अधिकारियों के होश उड़ गए। दूसरे किसानों ने किसी तरह से उन्हें रोका। पुलिस आगे बढ़ी तो किसान नेताओं ने पुलिस को रोका और कहा कि पुलिस आगे जाएगी तो मामला और बिगड़ सकता है। किसानों ने ही युवा किसानों को समझाया।
सबसे बाद में पहुंचे एडीएम एलए
बात न बनने पर शाम लगभग तीन बजे एडीएम भू अध्यापित डीपी श्रीवास्तव किसानों के बीच डीएम का संदेश लेकर पहुंचे। पहले तो किसानों ने उनकी भी बात सुनने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वे पूरा भरोसा दे रहे हैं कि इस बार 16 मई को डीएम कार्यालय में बैठक होगी और ठोस निर्णय लिया जाएगा। इसके बाद किसान माने और टंकी से उतरे।
कर लिया गाड़ियों पर कब्जा
जब अधिकारियों को लगा कि अब बात बनने वाली है तो उन्होंने मौके से जाने के लिए गाड़ियां बैक करानी शुरू कर दी। बस फिर क्या था? किसान भड़क गए और अधिकारियों को घेर लिया। उनकी गाड़ियों पर कब्जा करते हुए उनमें सवार होकर बैठ गए। काफी देर मान मनोव्वल के बाद स्थिति सामान्य हुई।
घोपला ने तोड़ा अनशन
बैठक की घोषणा के बाद पांच दिन से अनशन पर बैठे किसान नेता विजयपाल घोपला को एसीएम रितु पूनिया ने जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। किसानों ने घोषणा की कि यदि 16 मई को प्रशासन ने वादा तोड़ा तो इस बार अंजाम खतरनाक होंगे।
मंडल अध्यक्ष भाकियू राजवीर सिंह, समरपाल, चंद्रवीर, दिनेश, विजेंद्र, विनोद जिटौली, नरेश चौधरी, संजय दौरालिया, जगत सिंह, बाबा ईलम सिंह, जगत सिंह, वीरपाल घोपला, सुभाष आदि मौजूद रहे।