फलावदा। कस्बा निवासी एक व्यक्ति की आटा चक्की बंद करा दिए जाने से रोजी-रोटी के लिए मोहताज होने पर उसे सत्ता पक्ष के एक नेता के खिलाफ पलायन का पोस्टर चिपकाना भारी पड़ गया। पुलिस ने उसे जेल भेजने की धमकी देकर पोस्टर उतरवा दिया।
नगर के मोहल्ला जूड़वाला निवासी नसीरुद्दीन उर्फ कलवा आटा चक्की चलाकर परिवार का जीवन यापन कर रहा था। सत्ता पक्ष के एक नेता ने पुलिस से एसडीएम कोर्ट में रिपोर्ट भिजवाकर उसके खिलाफ मुकदमा दायर कराया तथा उसकी आटा चक्की बंद करा दी। इससे वह जीविका के लिए परेशान है। परिजन दाने-दाने को मोहताज हैं। कलवा ने बताया कि वह मकान बेचकर पलायन करने के लिए मजबूर है। इसके चलते उसने मकान बिकाऊ है का पोस्टर चस्पा कर दिया। यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने रात को ही कलवा के घर पहुंचकर उस पर सांप्रदायिकता फैलाने का आरोप लगाया। उसे जेल भेजने की धमकी देकर पोस्टर उतरवा दिया। कलवा की पत्नी ने बताया कि कड़ी मशक्कत के बाद भी खाना मयस्सर नहीं हो रहा है। चक्की ही परिवार के पालन पोषण का सहारा थी। उसे भी रसूखदारों ने छीन लिया। कलवा ने बचपन से ही आटा चक्की पर काम किया है। उसके बंद होने से उसका परिवार भूखों मरने के कगार पर है। उन्होंने बच्चे को स्कूल जाने रोक दिया है। कलवा ने बताया कि उसने अपने मकान पर बिक्री की तख्ती लगाई थी। जिससे वह परिवार के लिए दो जून की रोटी की व्यवस्था कर सके। ये भी लोगों को गवारा नहीं हुआ। देर रात पुलिस ने उसके घर पहुंचकर मंसूबों पर पानी फेर दिया। उसे जेल भेज देने की धमकी दी। उससे जबरन पोस्टर हटवा दिया है। थाना पुलिस ने बताया कि मामला कोर्ट में है। मालिक द्वारा मकान से पलायन का पोस्टर हटा दिया गया है।