हरियाणा की पराली ने खड़ी कर दी मुसीबत
वर्तमान समय में हरियाणा से धान की पराली खरीदकर ट्रैक्टर-ट्रॉली की मदद से क्षेत्र में लाई जा रही है। गौरीपुर मोड़ होते हुए बड़ौत और इसके बाद पराली को मेरठ ले जाया जा रहा है। रात के समय जाम रहने के अलावा कई जगह इस पराली को जलाया जा चुका है। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे और मेरठ-बड़ौत मार्ग के ग्रामीण पराली से परेशान हैं।
प्रदूषण नियंत्रण केंद्रों की होगी जांच
दिल्ली और गाजियाबाद में प्रदूषण जांच केंद्रों पर फर्जी तरीके से जारी किए गए वाहन चालकों को प्रमाणपत्र प्रशासन अलर्ट हो गया है। जिले में संचालित 24 प्रदूषण नियंत्रण केंद्रों पर छापेमारी होगी। इसके लिए जल्द अभियान चलेगा। निरंतर बढ़ रही वाहनों की संख्या से वातावरण प्रदूषित हो रहा है। प्रतिबंधित वाहन भी धड़ल्ले से दौड़ रहे है। जबकि बंद करने के लिए फरमान जारी हो चुके है, लेकिन असर नजर नहीं आ रहा है। प्रदूषण अनकंट्रोल होने की एक वजह प्रदूषण नियंत्रण केंद्र भी है। इनके द्वारा ऐसे वाहनों को भी सही प्रमाणपत्र दिए जाते है, जिनसे अधिक धुआं निकलता है। गाजियाबाद और दिल्ली में इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने दुकानों पर पहुंचकर अभियान चलाया तो इसका खुलासा हुआ। जिले में संचालित होने वाले 24 प्रदूषण नियंत्रण केंद्रों की जांच होगी। इसके लिए उपसंभागीय परिवहन विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी। एसडीएम बागपत विवेक कुमार यादव ने कहा कि शहर को प्रदूषण मुक्त बनाया जाएगा। शासन और प्रशासन के आदेशों का पालन होगा। क्षेत्र के सभी प्रदूषण नियंत्रण केंद्रों की जांच कराई जाएगी। कार्रवाई के लिए एआरटीओ प्रवर्तन को लिखा जाएगा। एआरटीओ प्रवर्तन सुभाष राजपूत ने बताया कि दिल्ली और गाजियाबाद में फर्जी प्रदूषण प्रमाणपत्र बनाने का खुलासा हुआ। इसके बाद जिले में 24 प्रदूषण नियंत्रण केंद्र चल रहे हैं, इनकी जांच होगी। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। वहीं प्रतिबंधित वाहनों के खिलाफ भी अभियान चलाया जाएगा।
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