मुजफ्फरनगर में एक साल से भी ज्यादा समय से कूड़ा निस्तारण नहीं करने पर नगर पालिका पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 99 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके अतिरिक्त तीन लैड मल्टिंग प्लांट पर वायु प्रदूषण रोकने के उपाय नहीं करने पर दो लाख 30 हजार रुपये के जुर्माने की कार्रवाई की गई है।
किदवई नगर में नगर पालिका का सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का प्लांट स्थापित है। पहले इस प्लांट का संचालन एटूजेड कंपनी करती थी। यहां पर आने वाले कूड़े का निस्तारण कर उससे खाद बनाई जाती थी और कूड़े की छंटाई भी की जाती थी।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी विवेक राय ने बताया कि 31 जुलाई 2018 को कूड़ा निस्तारण प्लांट का निरीक्षण किया गया था, उस समय भी यह बंद था। सात दिसंबर को फिर से प्लांट का निरीक्षण किया गया तो भी यह बंद मिला। उन्होंने बताया कि यहां पर 140 टन कूड़े की क्षमता है और 120 टन का प्रतिदिन निस्तारण होता था। यहां पर कूड़े के प्रोसेसिंग प्लांट, सेग्रीगेट, कंपोस्टिंग आदि की मशीनें लगी हैं, लेकिन सब बंद पाई गईं। कूड़े का निस्तारण नहीं करने पर सॉलिट वेस्ट मैनेजमेंट एक्ट 2016 के उल्लंघन पर नगरपालिका पर 99 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।