आरोप लगाया कि दरोगा, दोनों सिपाही, सीईओ समेत पांच लोगों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके बाद उसे जेल भेज दिया। यह शिकायत पढ़कर सीओ कैंट ने एसएसपी को मामले से अवगत कराया। थाने में सामूहिक दुष्कर्म की घटना का पता लगने पर एसएसपी ने तुरंत जांच शुरू करा दी। आईजी मेरठ रेंज प्रवीण कुमार ने एसएसपी से जांच रिपोर्ट तलब की। एसएसपी के निर्देश पर एसपी सिटी और सीओ सिविल लाइन ने जांच की। जिसमें पता चला कि महिला ने गलत आरोप लगाया है। गिरफ्तारी के तीन घंटे बाद ही महिला को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। महिला रंगदारी मांगने के आरोप में ही जेल गई थी। वह फिलहाल कचहरी में प्रैक्टिस नहीं कर रही है।
जेल से छूटते ही सीईओ को दी थी धमकी
पुलिस की जांच में सामने आया कि जेल से छूटने के बाद महिला ने कंपनी के सीईओ को धमकी दी कि अगर मुकदमे में समझौता नहीं किया तो वह उसके खिलाफ गंभीर धारा में मुकदमा दर्ज कराएगी। इसका पता लगने पर सीईओ से भी पुलिस ने संपर्क किया। पुलिस का कहना है कि थाने में लगे सीसीटीवी कैमरे भी देखे जा रहे हैं। हर बिंदु की बारीकी से जांच की जा रही है।
62 हजार रुपये भी लेने का आरोप
महिला ने पुलिस वालों पर 62 हजार रुपये लेने का भी आरोप लगाया है। 20 हजार नकद और 42 हजार ऑनलाइन देने की बात महिला ने कही। पैसा लेने के बावजूद महिला को जेल भेज दिया गया। पुलिस ने महिला के अकाउंट की जानकारी भी जुटाई है। पुलिस सभी पहलुओं की बारीकी से जांच करने की बात कह रही है।
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महिला के आरोप बेबुनियाद हैं। बार एसोसिएशन ने महिला की सदस्यता रद्द की हुई है। महिला ने विवेचक और दो पुलिसकर्मी समेत पांच लोगों पर घिनौना आरोप गलत लगाया है। महिला के खिलाफ जांच शुरू करा दी है। जल्द कार्रवाई करेंगे।
- रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी