व्हाट्सएप मैसेज से बढ़ा भ्रम
सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों और महिलाओं के बीच सुबह से ही एक मैसेज तेजी से प्रसारित हुआ, जिसमें लिखा था-'दिल्ली यात्रा नहीं, धरना स्थल ही होगा हमारा मोर्चा। इस संदेश के बाद पैदल यात्रा के स्थगित होने की चर्चाएं तेज हो गईं और आंदोलन को लेकर व्यापारियों के बीच असमंजस की स्थिति बन गई।' इसी बीच सुबह दस बजे सचिन सिरोही पैदल मार्च के लिए व्यापारियों के बीच पहुंच गए लेकिन पुलिस ने उनकी योजना फेल कर दी।
दिल्ली तक पैदल मार्च का था एलान
इससे पहले सचिन सिरोही ने 15 अप्रैल को सुबह 10 बजे शास्त्रीनगर से दिल्ली स्थित गृहमंत्री आवास तक पैदल यात्रा निकालने का आह्वान किया था। उनका कहना था कि व्यापारियों की मांगों को लेकर संसद के माध्यम से विशेष बिल पास कराया जाना चाहिए। हालांकि जैसे ही वे दिल्ली के लिए रवाना हुए, पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।
पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का दिया हवाला
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोंसले ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए यात्रा पर रोक लगा दी। नौचंदी पुलिस ने महिलाओं से संपर्क कर उन्हें यात्रा में शामिल न होने और दोपहर दो बजे के बाद केवल शांतिपूर्ण धरना देने की सलाह दी।
पैदल यात्रा की घोषणा के बाद मेरठ और दिल्ली की खुफिया एजेंसियां भी सतर्क हो गईं। शास्त्रीनगर और सेंट्रल मार्केट इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया, ताकि किसी भी स्थिति में भीड़ दिल्ली की ओर कूच न कर सके।
आगे की रणनीति पर मंथन
सचिन सिरोही का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से व्यापारियों की आवाज उठाना चाहते हैं और सरकार से व्यापारियों के हित में विशेष कानून बनाने की मांग कर रहे हैं। शास्त्रीनगर और सेंट्रल मार्केट क्षेत्र में फिलहाल तनावपूर्ण शांति है और प्रदर्शनकारी आगे की रणनीति तय करने में जुटे हैं।