पता चला कि 15 जून को मेरठ के एक अधिकारी के रिश्तेदार दिलीप दीक्षित निवासी बी 96 सेक्टर 22 नोएडा की इनोवा गाड़ी चोरी हुई थी। गाड़ी में जीपीएस भी लगा था। उसकी आखिरी लोकेशन सोतीगंज में एक कबाड़ी के गोदाम में मिली।
इसकी जानकारी लगते ही नोएडा पुलिस सोतीगंज पहुंची, लेकिन गाड़ी का सुराग नहीं लगा। नोएडा पुलिस का कहना है कि मेरठ में तैनात दो पुलिसकर्मी ही चोरी हुई इनोवा बरामद करा सकते हैं। उनको वाहन चोर और कबाड़ी की सारी जानकारी है।
हैक कर लिया सरकारी तंत्र
दोनों पुलिसकर्मियों की वाहन चोरों और सोतीगंज के कबाड़ियों अच्छी सेटिंग है। एनसीआर से चोरी होने वाली तकरीबन हर गाड़ी का कनेक्शन सोतीगंज के कबाड़ी से जुड़ता है।
ऐसे में इन दोनों पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध हो जाती है। मानों इन पुलिसकर्मियों ने विभाग को हैक करके रखा है। इनसे बिना संपर्क किए चोरी का वाहन सोतीगंज से बरामद नहीं हो सकता। ऐसा दूसरे जिले के पुलिस अधिकारी भी मानते हैं।
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सोतीगंज के कबाड़ियों पर शिकंजा कसने के लिए सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने कहा कि पूर्व में कार्रवाई के बाद वाहन चोरी का ग्राफ काफी कम हुआ था। अब अंतरराज्यीय वाहन चोर गैंग का नेटवर्क मेरठ और आसपास के जनपदों में भी फैल गया है।
दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान से गायब होने वाले वाहन भी सोतीगंज में कटने के लिए आ रहे हैं। सोतीगंज के कबाड़ियों ने मेरठ, हापुड़, मुजफ्फरनगर समेत कई जिलों में अपना जाल फैला दिया है। भाजपा सांसद ने मंगलवार को मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी और मेल भी किया। कहा कि आपके नेतृत्व में पुलिस ने अपराध पर काफी शिकंजा कसा है।
सोतीगंज में भी पुलिस ने कार्रवाई की थी। उसके बाद वाहन चोरी का ग्राफ घटा था। अब फिर से वाहन चोर गैंग सक्रिय हो गए हैं। इन पर सख्त कार्रवाई की जरूरत है। सांसद ने कहा कि इस मामले को वह कई बार संसद में भी उठा चुके हैं।