सूचना मिलने पर परिजन और ग्रामीण मौके की तरफ दौड़ पड़े। ग्रामीणों की सूचना पर एसडीएम ऊन मणि अरोरा, तहसीलदार राजकुमार भारती और झिंझाना पुलिस मौके पर पहुंची। गोताखोरों और ग्रामीणों ने यमुना में डूबे दोनों युवकों की तलाश शुरू की।
कई घंटे की तलाश के बाद भी यमुना में डूबे युवकों का पता नहीं चल सका। देर शाम तक पीएसी के स्टीमर से युवकों की तलाश की जा रही थी। एसडीएम मणि अरोरा का कहना है कि यमुना में डूबे युवकों की तलाश में गोताखोर लगाए गए हैं और स्टीमर भी लगा है। युवकों की तलाश की जा रही है।
25 किमी दूर यमुना में नहाने पहुंचे
यमुना में डूबे युवकों के दोस्तों ने बताया कि उनकी पहले से यमुना में नहाने की कोई योजना नहीं थी। इससे पहलेे यमुना में वे नहाने के लिए नहीं आए थे। उनका कहना है कि वे सभी हमउम्र दोस्त होने के कारण बातों ही बातों में गर्मी से राहत पाने के लिए करीब 25 किलोमीटर दूर यमुना में नहाने का मन बना लिया। इसके बाद उन्होंने घर से बाइक ली और सीधे यमुना पर पहुंचे। उनका कहना है कि वे सिर्फ नहाने के लिए आए थे। उन्हें नहीं पता था कि यमुना में उनके दो दोस्त इस तरह पानी में डूब जाएंगे।
इकलौते पुत्र हैं दोनों दोस्त
यमुना में डूबे आशू और जयंत दोनों के पिता किसान हैं और दोनों अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र हैं। ग्रामीणों के मुताबिक आशु के दो बड़ी बहन शादीशुदा हैं जबकि जयंत की एक छोटी बहन है। दोनों युवकों के यमुना में डूबने के बाद से परिजनों की चिंता बढ़ी हुई है।
पल-पल की जानकारी लेते रहे गन्ना मंत्री सुरेश राणा
कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा ने हादसे पर जनपद की जिलाधिकारी जसजीत कौर व एसडीएम ऊन सहित सभी अधिकारियों से बात कर त्वरित सहयोग करने के निर्देश दिए है।