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फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने वाले दो और दबोचे, तरीका था कुछ ऐसा, नहीं होता था लोगों को शक

Sat, 08 Feb 2020 12:52 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली
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आयुष्मान योजना - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश में शामली जिले के गांव आदमपुर में करीब 10 दिन पूर्व ग्रामीणों के फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है। उनके कब्जे से आयुष्मान कार्ड बनाने में प्रयुक्त लैपटॉप बरामद किया गया है। इस मामले में अन्य दो आरोपी फरार है। 

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शुक्रवार को एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि 29 जनवरी को गांव आदमपुर में कुछ युवकों द्वारा फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने की शिकायत मिली थी। इसकी जांच सीएमओ डॉ. संजय भटनागर द्वारा कराई गई तो जांच में आयुष्मान कार्ड फर्जी होना पाया गया था। इस संबंध में थाना बाबरी पर 30 जनवरी 2020 को गांव आदमपुर निवासी विवेकानंद जायसवाल की तहरीर पर अज्ञात में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में ग्रामीणों द्वारा उपलब्ध कराए गए मोबाइल नंबर और फोटो आदि के आधार पर आरोपियों की पहचान कन्हैयालाल उर्फ विराट, जोगेंद्र उर्फ भोंदा निवासीगण ऊंचा गांव थाना कैराना के रूप में पहचान हुई। 

वहीं बृहस्पतिवार रात मुखबिर की सूचना पर बाबरी थानाध्यक्ष नेमचंद ने पुलिस टीम के साथ मुजफ्फरनगर रोड से आरोपी कन्हैया और जोगेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने में प्रयुक्त लैपटॉप बरामद हुआ है। एसपी के मुताबिक आरोपियों से पूछताछ में ऊंचा गांव के अन्य दो आरोपी अमित व रमन के नाम भी प्रकाश में आए, जिनकी तलाश की जा रही है।
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इस तरह बनाते थे फर्जी आयुष्मान कार्ड
एसपी के मुताबिक आरोपियों ने पूछताछ के दौरान बताया कि वे गांव-गांव जाकर लोगों का डाटा एकत्रकर लैपटाप के माध्यम से पूर्व में बनाए गए लोगों के आयुष्मान कार्ड पर एकत्र किए गए फोटो व पते को एडिट करने के बाद फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाकर ग्रामीणों को देते थे। एक कार्ड बनाने की एवज में एक हजार रुपये तय थे। 500 रुपये कार्ड बनाने से पहले और 500 रुपये कार्ड बनाने के बाद लेते थे। कार्ड को असली दर्शाने के लिए लोगों के बायोमेट्रिक मशीन से अंगूठे के निशान भी लेते थे और साइट पर बनाए जाने वाले व्यक्ति का पूरा डाटा एडिटिंग की मदद से दिखाकर उसे विश्वास में ले लेते थे। आरोपी इस तरह के फर्जी आयुष्मान कार्ड गांव हरड फतेहपुर, आल्दी और कैराना में भी बना चुके थे। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूर्व में गांवों में आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए लगाए गए कैंपों में जाते थे, वहीं से उन्होंने आयुष्मान कार्ड बनाने का तरीका सीखा था। 

आरोपियों का प्रोफाइल
कन्हैयालाल उर्फ विराट उम्र 22 वर्ष शिक्षा बीकॉम
जोगेंद्र उर्फ भोंदा उम्र 27 वर्ष शिक्षा आइटीआई
अमित उम्र 27 साल शिक्षा बीए
रमन उम्र 21 साल शिक्षा बीकॉम

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