इसी दौरान किसी ने यूपी 100 पुलिस को फोन किया। यहां पर पुलिस को आता देख भगदड़ मच गई। लेकिन अंकुश वहीं खड़ा रहा। इस पर पुलिसकर्मी उसे पकड़कर ले गए और थाने में बंद कर दिया। कमलेश ने बताया कि अंकुश घर नहीं पहुंचा तो उसकी तलाश की। दूसरे दिन पूर्व प्रधान महावीर सिंह ने बताया कि अंकुश थाने में बंद है।
इस पर पिता महेंद्र थाने पहुंचा तो बरामदे में अंकुश बेहोश पड़ा था। वहां मौजूद दरोगा ने गालीगलौज कर उसे थाने से भगा दिया। उसने बताया कि अंकुश बदमाश है। उसने शराब पी रखी थी तथा पुलिस को गाली दे रहा था। हालांकि बाद में अंकुश को छोड़ दिया गया।
यह भी पढ़ें: मंदी की मार, छोटे व्यापारियों को कर्ज से इनकार, उपभोक्ताओं पर लगाए जा रहे कई चार्ज
उसकी मां कमलेश देवी ने हालत देखी तो विधायक सत्यवीर त्यागी से पुलिस की शिकायत की। अंकुश घर पर चारपाई पर घायल अवस्था में लेटा था। उसके शरीर के कई हिस्सों पर चोट के निशान थे। अंकुश ने आरोप लगाया कि उसे दरोगा ने लोहे की रॉड से पीटा।
उसका डॉक्टरी परीक्षण सीएचसी माछरा में कराया गया और परिजनों को सौंप दिया। एसएसपी अजय साहनी का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी। उधर मंगलवार को युवक की फिर से हालत बिगड़ गई जिसके बाद उसे मेरठ के अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है।