खरखौदा (मेरठ)। गांव खंदावली में शुक्रवार रात किसान सेवा सहकारी समिति के रिटायर्ड कर्मचारी जयप्रकाश त्यागी (64) की डकैती के दौरान हुई हत्या की वारदात में रविवार को भी पुलिस खाली हाथ रही। वहीं, शनिवार को खरखौदा थाने पर हुए बखेड़े में पुलिस ने सपा नेता ओमपाल गुर्जर समेत 14 लोगों के खिलाफ नामजद और 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ बलवा और संगीन धाराओं में केस दर्ज किया है।
इस मामले में पुलिस ने वीडियो के आधार पर सपा नेता ओमपाल गुर्जर निवासी लालपुर, भाजपा के श्रम प्रकोष्ठ के पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज त्यागी निवासी खंदावली, सोनू निवासी लालपुर, गिरिश त्यागी, राजेंद्र त्यागी, रोहित, अखिलेश त्यागी निवासी खंदावली, संदीप निवासी फफूंडा, सुशील त्यागी, जयप्रकाश त्यागी निवासी खरखौदा, मोनू प्रधान निवासी चंदपुरा, मुकुल त्यागी निवासी कैली समेत 14 नामजद व 20 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। एएसपी किठौर रामानंद कुशवाहा का कहना है कि आरोपी ओमपाल गुर्जर को शनिवार को ही जेल भेज दिया गया था। जबकि सात लोगों को थाने से छोड़ा गया था। उसके बाद यह मुकदमा पुलिस की तरफ से दर्ज कराया गया।
जिन पर लाठीचार्ज, उन्हीं पर मुकदमा
हत्या के साथ डकैती की धारा न लगाने के विरोध में मृतक जयप्रकाश त्यागी के पुत्र सतेंद्र और सपा नेता ओमपाल गुर्जर सपाइयों के साथ खरखौदा थाने के बाहर शनिवार को धरने पर बैठे थे। जिस पर पुलिस ने नोकझोंक के बाद लाठीचार्ज कर दिया था। लाठीचार्ज का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें एसपी देहात, सीओ किठौर व इंस्पेक्टर खरखौदा लाठी चलाते और आरोपियों को घसीटकर थाने ले जाते दिखाई पड़ रहे हैं। गांव में रविवार को चर्चा रही कि पुलिस ने जिन लोगों पर लाठीचार्ज किया, उन्हीं पर मुकदमा दर्ज कर दिया।
90 वर्ष के जयप्रकाश भी नामजद
पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते समय इसकी भी जांच नहीं की कि आरोपी की उम्र कितनी है और वह मौके पर क्या रहा था। पुलिस ने जिन 14 लोगों के खिलाफ बलवे और संगीन धाराओं में केस दर्ज किया है, उनमें एक नाम 90 साल के कस्बा खरखौदा निवासी जयप्रकाश त्यागी का भी है। बताया गया कि शनिवार को थाने के सामने धरने के दौरान जयप्रकाश किठौर विधायक सत्यवीर त्यागी से पुलिस द्वारा की जा रही नाइंसाफी के बारे में पूछ रहे थे। लेकिन इसका खामियाजा उन्हें मुकदमे में नामजद होकर भरना पड़ा। इसकी कस्बे में दिन भर चर्चा रही।