सपा सांसद हरेंद्र मलिक व विधायक
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सपा सांसद हरेंद्र मलिक और विधायक पंकज मलिक हिरासत में
मुजफ्फरनगर से सपा सांसद हरेंद्र मलिक और उनके विधायक बेटे पंकज मलिक दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित सीजेपी और विपक्षी दलों के प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे। इस दौरान दिल्ली के जनपथ रोड पर पुलिस ने दोनों को अपने घेरे में लेकर हिरासत में ले लिया। हरेंद्र मलिक ने कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए अब देश को आगे आना होगा।
शामली में भाकियू कार्यकर्ताओं को रोका
दिल्ली में शनिवार को होने वाले विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश संगठन मंत्री और पूर्व जिला पंचायत सदस्य मास्टर जाहिद समेत कई कार्यकर्ताओं को शामली पुलिस ने रोक लिया। उन्हें सोंटा रसूलपुर स्थित जेए नेशनल एकेडमी में रोका गया।
मास्टर जाहिद ने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने का अधिकार है। उन्होंने लोकतंत्र को कायम रखने की बात भी कही।
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बागपत रेलवे स्टेशन पर चौकसी
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बागपत रेलवे स्टेशन पर पुलिस की चेकिंग
दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शन को देखते हुए बागपत पुलिस भी सतर्क रही। रेलवे स्टेशन पर चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान पुलिस ने कुछ युवकों को रोककर उनसे पूछताछ की। प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली जाने वाले लोगों पर नजर रखने के साथ पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी बढ़ाई।
मेरठ में चेकिंग करती पुलिस
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मेरठ समेत पश्चिमी यूपी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
प्रदर्शन को लेकर मेरठ में भी प्रमुख हाईवे, जिले की सीमाओं और टोल प्लाजा पर नाकाबंदी कर वाहनों की जांच की गई। काशी और सिवाया टोल प्लाजा पर पुलिस, पीएसी और आरएएफ की तैनाती की गई। इससे पहले मेरठ में विपक्षी दलों, किसान संगठनों और सामाजिक संगठनों के 100 से अधिक नेताओं को नजरबंद किए जाने की जानकारी सामने आई थी। पुलिस सोशल मीडिया पर भी निगरानी रख रही है।
मुजफ्फरनगर में भाकियू टिकैत के कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष नवीन राठी के नेतृत्व में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पैदल मार्च निकाला। महावीर चौक स्थित कार्यालय से प्रकाश चौक होते हुए कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां धरना-प्रदर्शन कर एडीएम प्रशासन देश दीपक सिंह को मांगपत्र सौंपा। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने मीनाक्षी चौक पर पुतला दहन भी किया।
दिल्ली में प्रदर्शन का असर जिले में भी देखने को मिला। दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने जा रहे भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गांव सोंता और अन्य स्थानों पर रोक लिया।
इससे नाराज कार्यकर्ताओं ने शनिवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर धरना दिया और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने और पात्र मतदाताओं के मताधिकार की रक्षा करने की मांग उठाई। प्रदर्शन में विभिन्न खापों के चौधरी भी शामिल हुए। इस दौरान दिल्ली-सहारनपुर रेलमार्ग पर ट्रेनें निरस्त होने से यात्रियों को हुई परेशानी पर भी आक्रोश जताया गया।
दिल्ली जाने को रोकने को लेकर काशी टोल प्लाजा पर रही नाकाबंदी
मुख्य निर्वाचन चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा मांग रहे सीजेपी के कार्यकर्ता और विपक्षी दलों के शनिवार को प्रस्तावित आंदोलन को लेकर मेरठ से दिल्ली जंतर मंतर पर जा रहे भाकियू टिकैत कार्यकर्ताओं को मेरठ पुलिस ने मेरठ पुलिस ने मेरठ दिल्ली एक्सप्रेसवे पर रोक लिया। पुलिस की भारी नाकाबंदी के चलते भाकियू कार्यकर्ता आगे नही जा सके।
पुलिस के द्वारा रोके जाने पर भाकियू कार्यकताओं ने हंगामा करते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारे बाजी की। भाकियू के पूर्व जिला महामंत्री दीपक घोपला ने कहा कि चुनाव आयोग के द्वारा देश को अंधेरे में धकेला जा रहा है एसआईआर से लेकर कुछ गडबडियां भी सामने आई है सरकार को निष्पक्ष होकर काम करना चाहिये किसान भी सरकार को लेकर संतुष्ट नही है इस प्रकार की ताना साही गलत है।
टोल पर रहा भारी पुलिस बल तैनात ली गई वाहनों की तलाश-
दिल्ली के जंतर मंतर पर किसान संगठनों और विपछी दलों के जाने को लेकर शनिवार को भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। सीओ ब्रहमपुरी रामप्रकाश के अलावा अलभग आधा दर्जन थानों की पुलिस के तैनात होने के चलते को भी राजनैतिक संगठन आगे नही जा सका। वहीं पुलिस के द्वारा काशी टोल से गुजर रहे वाहनों की गहनता से चैकिंग की गई हरिद्वार से पित्रदान कर दिल्ली और गाजियाबाद लौट रहे लोगों ने भी इसे लेकर एतराज जताया।