प्रधानमंत्री आवास योजना को लगातार झटका लग रहा है। सब कुछ जानने के बावजूद शासन से लेकर मेरठ प्रशासन कोई कदम नहीं उठा रहे हैं। बराल परतापुर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए जा रहे 1432 आवासों के लक्ष्य से एमडीए भटक गया है। किसी भी ठेकेदार के टेंडर नहीं डालने पर आवास निर्माण पर संकट खड़ा हो गया है।
एमडीए द्वारा लोहियानगर, सरायकाजी, शताब्दीनगर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत काम चल रहा है। शासन ने एमडीए को आठ हजार आवास बनाने का लक्ष्य दिया था। लेकिन एमडीए ने इसे वापस कर दिया था। अब 1432 आवास बनाने में भी एमडीए के पसीने छूट रहे हैं। वहीं, इन तीनों जगह मूलभूत सुविधाओं के लिए शासन ने 18 करोड़ रुपये देने से इंकार कर दिया।
लोहियानगर के आवासों पर चुप्पी
लोहियानगर में जर्जर हाल में पहुंचे 300 से ज्यादा आवासों का अमर उजाला ने खुलासा किया था। एमडीए सचिव प्रवीणा ने अधिशासी अभियंता अरुण शर्मा को मुआयना करने के निर्देश दिए थे। लेकिन तीन दिन बाद भी सब मौन हैं। एकतरफ आवास योजना में पाई-पाई को भटक रहे हैं तो दूसरी ओर बनकर खड़े आवासों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री आवास योजना; तीन भाग में बनाए जाने थे आवास
कुल आवास - 616
अनुमानित लागत - 27 करोड़ 27 लाख 80 हजार
कुल आवास - 432
अनुमानित लागत - 19 करोड़ 13 लाख
कुल आवास - 384
अनुमानित लागत - 17 करोड़ 45 हजार
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