पुराना रिकार्ड खंगाला
एडीजी प्रशांत कुमार का कहना है कि जोन में छह माह में कई जगह हथियारों की खेप पकड़ी गई है। इनका रिकॉर्ड खंगाला गया है। हथियार बनाने और सप्लाई करने वाले गिरोह का नेटवर्क कहां तक फैला है, इसकी जानकारी मिल रही है। पुलिस माहौल खराब करने वालों पर शिकंजा कसेगी।
आरोपियों की तलाश
पुलिस ने मौके से भागे प्रदीप पुत्र चंद्रपाल और अफजाल पुत्र हसन निवासी सिकंदरपुर मीरापुर मुजफ्फरनगर की तलाश में दबिश दी। लेकिन सुराग नहीं लगा। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों को ही पता है कि उन्हें 100 तमंचे लेकर मुजफ्फरनगर में कहां जाना था।
ससुर से सीखा बनाना
प्रेसवार्ता में आरोपी अहसान ने बताया कि तमंचा बनाना उसने अपने ससुर से सीखा था। ससुर की मौत हो चुकी है। उसके परिवार के कई लोग भी हथियार बनाते थे। अहसान ने पांच लोगों के नाम बताए हैं। उनकी तलाश में दबिश जारी है। आरोपियों ने कहा कि हथियारों की सप्लाई पुलिस और नेताओं की सेटिंग से होती है।
रिपोर्ट भेजी
पुलिस ने शासन को भेजी रिपोर्ट में कहा कि हथियारों की खेप कई जगहों पर सप्लाई कराई जा रही है। इसकी जानकारी पर सूबे के डीजीपी ओपी सिंह ने सभी जनपदों के कप्तानों से कहा है कि मामला गंभीर है। हथियार बनाने और सप्लाई करने वाले पर पुलिस पैनी नजर रखे। हथियारों के प्रति लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
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