जिले की होती है समीक्षा
आईजीआरएस में आने वाली शिकायतों की पूरे प्रदेश में प्रत्येक माह समीक्षा की जाती है। जिन विभागों से समस्याओं का निस्तारण नहीं होता है उनमें अफसरों को कड़ी फटकार लगती है। अफसरों का दावा है कि मई और जून माह में मेरठ में सौ फीसदी शिकायतों का निस्तारण किया गया है।
अभी कोई वीडियो नहीं
आईजीआरएस में तैनात एक्सपर्ट बृजेश कुमार ने बताया कि एक जनवरी 2018 से एक अगस्त तक इस साल आईजीआरएस पोर्टल पर मेरठ से 12,558 शिकायतें पहुंची हैं। इनमें से 12031 शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया है। बाकी जो शिकायतें बची हैं उनके निस्तारण की प्रक्रिया चल रही है। एक माह से पहले हर हाल में निस्तारण किया जाता है। आईजीआरएस में अभी तक भ्रष्टाचार से संबंधित कोई ऑडियो- वीडियो नहीं आयी है।
शासन लेता है सीधे संज्ञान
आईजीआरएस में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, एंटी भूमाफिया पोर्टल पहले से चल रहे थे। वहीं, अब एंटी करप्शन पोर्टल भी शुरू हो चुका है। जहां सीधे शासन इन शिकायतों पर संज्ञान लेता है। सचिव से यह शिकायतें जांच के लिए डीएम और एसएसपी को पहुंचती है। जिसके बाद संबंधित विभाग के अधिकारी जांच कर रिपोर्ट भेजते हैं।
गंभीरता से होगी जांच
भ्रष्टाचार से संबंधित जो ऑडियो या वीडियो पोर्टल पर मिलेंगी उनकी फेस और साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई रिपोर्ट भेजी जाएगी। भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े निर्देश दिए जा रहे हैं।
-शिवराम यादव, एसपी क्राइम
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