सहायक नगर नियोजक (एटीपी) रहते हुए भी यदि नियमों को पलीता लगा दिया जाए तो बाकी का क्या होगा। एमडीए में तैनात रहे तथा वर्तमान में मेट्रो तथा रैपिड ट्रेन प्रोजेक्ट के नोडल ऑफिसर एटीपी विवेक भास्कर हाईवे स्थित एक कॉलोनी में अपनी कोठी बना रहे हैं, वह भी तीन प्लॉटाें को मिलाकर। जबकि तीनों प्लाटों पर अलग- अलग भवन का नक्शा पास है। शिकायत पर एमडीए वीसी ने निर्देश दिए। जिस पर इस निर्माण का चालान कर थाना पल्लवपुरम को निर्माण रुकवाने को पत्र जारी किया गया है।
गुरुद्वारा रोड निवासी नरेश अग्रवाल ने इस बाबत शिकायत की थी। कहा कि एटीपी विवेक भास्कर मेरठ में दिल्ली-देहरादून रोड स्थित एटूजेड कॉलोनी में शानदार कोठी का निर्माण करा रहे हैं। कोठी तीन प्लाट संख्या 127, 128 तथा 129 को मिलाकर बनाई जा रही है। प्रत्येक प्लाट 142.5 गज का है। यानि कुल 511.29 वर्ग गज में यह कोठी बनाई जा रही है। उनके मुताबिक यह नियम विरुद्घ है। तीन प्लाटों को मिलाकर एक कोठी नहीं बनाई जा सकती है। इसके लिए बोर्ड की अनुमति या शासन की अनुमति के बाद दस प्रतिशत राशि भूखंडों के कुल मूल्य की जमा करानी होती है।
वर्तमान में विवेक भास्कर गाजियाबाद एनसीआर प्लानिंग बोर्ड कार्यालय में तैनात हैं, जबकि मेरठ में ही मेट्रो तथा रैपिड ट्रेन प्रोजेक्ट के नोडल अधिकारी हैं। इससे पहले वह मेरठ विकास प्राधिकरण में ही असिस्टेंट टाउन प्लानर पद पर लंबे समय से तैनात रहे थे।
पत्नी के नाम मानचित्र
आरोप है कि जिस समय विवेक एमडीए में मानचित्र विभाग में थे, उसी समय उनकी पत्नी के नाम से तीनों प्लाटों पर अलग-अलग आवास बनाने का नक्शा स्वीकृत किया गया और वह खुद मानचित्र प्रभारी रहते हुए विवेक ने किया।
एमडीए ने कर दी कार्रवाई
इस बाबत एमडीए वीसी योगेंद्र यादव से कार्रवाई करने की मांग के साथ मुख्यमंत्री तथा एनसीआर प्लानिंग कमिश्नर से भी शिकायत की गई। कहा है कि जब अपने ही प्रकरण में विवेक ने गड़बड़ी की तो किस तरह से मेट्रो और रैपिड जैसे प्रोजेक्ट में जिम्मेदारियों का सही ढंग से निर्वहन करेंगे। उन्हें वहां से हटाया जाए। ऐसे में वीसी ने मुख्य नगर नियोजक तथा जोनल प्रभारी अपर सचिव बैजनाथ से कार्रवाई को कहा। जोनल प्रभारी ने जांच कर प्राथमिक तौर पर इस निर्माण का चालान कर दिया है। साथ ही थाने को रिपोर्ट भेजी है कि इसे तत्काल रोका जाए।