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अमर उजाला विशेष: पितर पक्ष संपन्न, अब पटरी पर आएगा बाजार, त्योहारी सीजन से कारोबारियों को उम्मीद

Fri, 18 Sep 2020 02:19 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर

सार

- कोरोना काल में बाजार पूरी तरह रहा प्रभावित, त्योहारी सीजन से कारोबारियों को उम्मीद
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पितर पक्ष संपन्न होने के साथ ही बाजार में त्योहारी सीजन की धूम रहेगी। त्योहारी सीजन मंदे बाजार में भी तेजी ला देता है। इस सीजन को भुनाने के लिए व्यापारी पहले से ही तैयारी शुरू कर देते हैं। बाजार में बंपर बिक्री होती है, शादियां होती हैं।

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श्राद्ध से पहले भी परिवार इसके लिए तैयारी शुरू कर देते थे। लेकिन इस साल ऐसा नहीं हुआ है। कोरोना ने हर वर्ग को प्रभावित किया है। इसका असर बाजार पर पड़ा। अब श्राद्ध  खत्म होने के बाद व्यापारियों को आम जनता से फिर से आस है। उपभोक्ता उम्मीद लगाए बैठे हैं कि त्योहारी सीजन में उपभोक्ता उन्हें निराश नहीं करेंगे।

एडवांस में हो जाती थी गहनों की बुकिंग
सर्राफा बाजार मुख्य रूप से त्योहारी सीजन में ही आबाद होता है। शादी के समय बंपर बिक्री होती है। इसके अलावा नवरात्रों, करवा चौथ, धन तेरस पर भी गहनों की बिक्री होती है। बाकी सालों में कनागत से पहले ही परिवार गहनों की एडवांस बुकिंग करा लेते थे। लेकिन इस बार पहले कोरोना काल और फिर सोने के चढ़े दामों ने जनता को दुविधा में डाल दिया।
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जनता ने एडवांस में इस बार गहनों की बुकिंग नहीं कराई है। हालांकि जब लॉकडाउन खुला तब के मुकाबले सोना अब करीब तीन हजार रुपये प्रति दस ग्राम तक सस्ता है। विकास अग्रवाल सराफ का कहना है कि आमतौर पर कनागत से पहले हर साल 500 ग्राम से अधिक सोना एडवांस बुक हो जाता था। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ है। बिक्री धड़ाम है। अब त्योहारी सीजन में जनता से बहुत उम्मीदें हैं।

25 प्रतिशत कम हैं बुकिंग के रेट
बैंक्वेट हॉल मालिकों के लिए कोरोना काल बहुत नुकसान देने वाला साबित हुआ। जब लॉक डाउन लगा उस समय शादियों का सीजन चल रहा था। सारी बुकिंग कैंसल हो गईं। जनता को पैसे लौटाने पड़े। शादियों में बारातियों की संख्या सीमित होने के चलते जनता ने लॉक डाउन खुलने के बाद भी घरों पर ही शादी की।

बैंक्वेट हॉल इस मार से अब तक नहीं उबरे हैं। बुकिंग होने लगी है, लेकिन बुकिंग रेट 25 प्रतिशत तक कम हो गया है। राज मिलन बैंक्वेट हॉल के मालिक एमपी सिंह का कहना है कि बैंक्वेट हॉल में बुकिंग शुरू हुई है लेकिन यह पहले से कम है। केवल शादी के लिए ही बुकिंग हो रही है। बाकी कार्यक्रमों के लिए बैंक्वेट हॉल में अभी कोई नहीं आ रहा है।

दोपहिया वाहनों की होने लगी है बुकिंग
दोपहिया वाहन एजेंसियों पर साल भर बाइक व स्कूटी खरीदने के लिए भीड़ उमड़ी रहती थी। कनागत से पहले ही वाहनों की एडवांस बुकिंग हो जाती थी। लेकिन कोरोना काल में जनता जरूरत का सामान ही खरीद रही है। जिस सामान की जरूरत नहीं उसे फिलहाल खरीदने से परहेज कर रही है।
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दोपहिया वाहनों के लिए अब त्योहारी सीजन अच्छा साबित हो सकता है। देवेंद्र ऑटोमोबाइल के प्रोपराइटर अनुज आर्य का कहा है कि लॉक डाउन में तो एजेंसी बंद ही रही। बाद में जून में कुछ बिक्री हुई लेकिन इसके बाद बिक्री खत्म हो गई। बाइकों की खरीद के लिए एडवांस बुकिंग नहीं हो रही है। अभी सहालग भी कनागत से एक महीना बाद हैं। इससे भी बिक्री प्रभावित हो रही है।

मांग के अनुसार कारों की नहीं हो पा रही पूर्ति
कोरोना काल से कारों की बिक्री भी प्रभावित है। कार खरीदना वैसे भी मजाक बात नहीं होती है। कार बाइक से कई गुना महंगी भी होती है। कोरोना में बाइक की बिक्री तो धड़ाम हो गई, लेकिन कार की बिक्री बढ़ गई है। परिवार को भीड़ में सफर कराने से बचाने के लिए गाड़ियों की बिक्री हो रही है। हाल यह है कि इस समय गाड़ियों की मांग के अनुसार उपभोक्ताओं को डिलीवरी नहीं हो पा रही है।

गाड़ियों की बिक्री में और इजाफा होने का अनुमान है। चौधरी हुंडई के मालिक विवेक उर्फ विक्की चौधरी के अनुसार गाड़ियों का प्रोडक्शन कम हो रहा है लेकिन मांग बढ़ी हुई है। कारों की बिक्री में अभी और इजाफा होने का अनुमान है। जनता का रुझान कार खरीदने की ओर है। कारों के लिए एडवांस बुकिंग भी हो रही है।
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